नईदिल्लीलीक्स.. रूस-यूक्रेन के बीच जंग के सातवें दिन रूस ने कैरसोन शहर पर कब्जा कर लिया है। वहीं भारत ने पांच सौ छात्रों को यूक्रेन से निकाला है।
अमेरिका ने कहा- यूक्रेन के साथ खड़े हैं
रूस के हमलों के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने अमेरिकी संसद में स्टेट आफ द यूनियन को संबोधित किया। स्टेट आफ द यूनियन में संबोधन के दौरान जो बाइडेन ने कहा कि अमेरिका यूक्रेन के साथ खड़ा है। अमेरिका और हमारे सहयोगी सामूहिक शक्ति के साथ नाटो क्षेत्र के हर इंच की रक्षा करेंगे। उन्होंने कहा कि यूक्रेनियन साहस के साथ लड़ रहे हैं। पुतिन को युद्ध के मैदान में लाभ हो सकता है, लेकिन उन्हें लंबे समय तक इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी। दरअसल, रूस ने जंग के छठे दिन यूक्रेन की राजधानी कीव में जोरदार हमले किए।
खारकीव के हालात ज्यादा खराब
यूक्रेन में दिन-रात विस्फोट के बीच खारकीव के हालात ज्यादा खराब हो चुके हैं। जिस माल से विद्यार्थियों के खाने-पीने की व्यवस्था हो रही थी, उसे रूसी मिसाइल ने ध्वस्त कर दिया। अग्रवाल मंडी टटीरी निवासी छात्र सागर वर्मा अपने चाचा गौरव वर्मा को खीरकीव के हालात से अवगत करा रहे हैं। गौरव वर्मा ने बताया कि सीनियर छात्र सहयोग करते तो सागर आज हमारे बीच में होता। 15 विद्यार्थियों का ग्रुप बंकर में फंसा है, जिनमें लड़किया ज्यादा हैं। गौरव ने बताया कि खारकीव में हालात खराब हैं। 500 मीटर दूर सोमवार शाम तीन मिसाइलें दागी गई थी, जिसके बाद दहशतजदा विद्यार्थियों ने सामान समेटना शुरू कर दिया।
भारत ने मिशन इम्पॉसिबल के जरिये छात्र निकाले
भारतीय दूतावास ने मिशन इम्पॉसिबल के जरिये पौलेंड सीमा से यूक्रेन की सीमा के अंदर घुसकर पांच सौ भारतीय छात्रों को बाहर निकाल लिया है। इनमें से 444 छात्रों को विशेष विमान से भारत भेजा जा रहा है।