आगरालीक्स…(Agra News 5th March 2022).. आगरा में दो साल की बच्ची के इलाज में लापरवाही के आरोप पर कोर्ट ने सरकार नर्सिंग होम, साइंटिफिक पैथोलाजी लैब के संचालक सहित पांच चिकित्सकों पर परिवाद दायर करने के दिए आदेश।
फिरोजाबाद के सुहाग नगरी निवासी प्रवेंद्र यादव सरकारी स्कूल में शिक्षक हैं। उन्होंने कोर्ट में प्रार्थना पत्र देते हुए आरोप लगाए कि उनकी दो साल की बेटी को सर्दी जुकाम था। 7 सितंबर 2021 को कमला नगर में डॉ. अतुल गोयल को दिखाया। डॉक्टर ने कहा कि बच्ची की तबीयत ज्यादा खराब है इसे सरकार नर्सिंग होम दिल्ली गेट में भर्ती करा दें।

स्क्रब टाइफस बीमारी बताकर दिल्ली कर दिया रेफर
प्रवेंद्र यादव का आरोप है कि दो दिन बाद भी बेटी की तबीयत में सुधार नहीं हुआ। सरकार नर्सिंग होम में डॉ. सुनील कुलश्रेष्ठ और डा. निखिल चतुर्वेदी ने उनकी बेटी को देखा, इसके बाद जांच कराई। जांच साइंटिफिक पैथोलाजी लैब में हुई। 9 सितंबर को जांच रिपोर्ट देखने के बाद चिकित्सकों ने कहा कि बच्ची को स्क्रब टाइफस है और डिस्चार्ज कर दिया। वे बेटी को दिल्ली ले गए।
दिल्ली में जांच में स्क्रब टाइफस की रिपोर्ट निगेटिव, बेटी हुई ठीक
प्रवेंद्र का आरोप है कि वे बेटी को दिल्ली ले गए। वहां, स्क्रब टाइफस की जांच कराई गई। रिपोर्ट निगेटिव आई। इलाज के बाद बेटी की तबीयत में सुधार हो गया। इस मामले में प्रवेंद्र का कहना है कि आगरा लौटने के बाद वे सरकार नर्सिंग होम में डॉक्टरों से मिले लेकिन उनकी एक नहीं सुनी गई। इस मामले में सीजेएम प्रदीप कुमार सिंह ने धोखाधड़ी सहित अन्य आरोप में पांच चिकित्सकों पर परिवाद के रूप में दर्ज करने के आदेश दिए हैं। वादी के बयान के लिए पत्रावली पर 21 मार्च की तिथि नियत की है।
इन चिकित्सकों पर लगा आरोप
प्रवेंद्र ने सरकार नर्सिंग होम, दिल्ली गेट के संचालक डॉ. वरुण सरकार, साइंटिफिक पैथोलाजी लैब के संचालक डॉ. अशोक शर्मा, डॉ. अतुल गोयल, डा. निखिल चतुर्वेदी, डॉ. सुनील कुलश्रेष्ठ पर आरोप लगाए हैं।
क्या होता है स्क्रब टाइफस
स्क्रब टाइफस बैक्टीरिया से होने वाली बीमारी होती है, इसमें ठंड लगकर बुखार, शरीर में दर्द के साथ ही शरीर के कई अंग भी प्रभावित हो सकते हैं और मौत तक हो सकती है। ये पिस्सू के काटने से बीमारी फैलती है, पिछले साल डेंगू के फैलने पर मथुरा में स्क्रब टाइफस के मामले मिले थे।
मीडिया से आरोपों पर चिकित्सकों का यह है कहना
मीडिया से चिकित्सकों पर लगे आरोप पर साइंटिफिक पैथोलाजी लैब के संचालक डॉ. अशोक शर्मा का कहना है कि स्क्रब टाइफस की स्क्रीनिंग टेस्ट की रिपोर्ट पाजिटिव आई थी, दिल्ली में क्या जांच हुई इसकी जानकारी नहीं है। हमारी लैब में बेहतर जांच होती है। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. निखिल चतुर्वेदी का कहना है कि अस्पताल के पैनल में हूं, जांच रिपोर्ट के आधार पर इलाज किया गया, परिजन बच्ची को रेफर करा कर ले गए। सरकार नर्सिंग होम के संचालक डॉ. वरुण सरकार के बेटे डॉ. देवाशीष सरकार का कहना है कि अस्पताल का इस प्रकरण से कोई लेना देना नहीं है। अस्पताल में बाल रोग यूनिट अलग से संचालित है।