
आगरा के दो बड़े आभूषण निर्माताओं ने एक्साइज रजिस्ट्रेशन करा लिया है, वहीं अलीगढ़ के भी दो बड़े सराफा व्यापारी रजिस्ट्रेशन करा चुके हैं। मंडल के करीब एक दर्जन व्यापारियों ने रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया शुरू की है। रजिस्ट्रेशन कराने वालों की तादात बढ़ सकती है।
सेंट्रल एक्साइज, कस्टम एंड सर्विस टैक्स विभाग के एडिशनल कमिश्नर यशोवर्द्धन पाठक ने मीडिया को बताया कि आगरा, अलीगढ़, मथुरा सहित मंडल भर के सराफा व्यापारियों ने रजिस्ट्रेशन को लेकर उत्साह दिखाया है।
एक जुलाई तक बढ़ाया समय
सालाना छह करोड़ से ज्यादा की बिक्री या मैन्यूफैक्चरिंग करने वाली सराफा इकाइयों को एक मई तक रजिस्ट्रेशन कराना था। मार्च में ही नए कानून को लागू कर दिया गया था, लेकिन सराफा व्यापारियों के विरोध के कारण सरकार ने रजिस्ट्रेशन की समय सीमा एक जुलाई तक बढ़ाई है। कें द्र सरकार ने एक्साइज अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि किसी भी सराफा प्रतिष्ठान में वह प्रवेश नहीं करेंगे और सराफा व्यापारी सेल्फ असेसमेंट करके जितना टर्नओवर दिखाएंगे, वही मान्य किया जाएगा। जॉब वर्क पर एक्साइज ड्यूटी नहीं लगेगी।
हडताल से किया इन्कार
ऑल इंडिया ज्वैलर्स एसोसिएशन के तीन दिवसीय हड़ताल के आह्वान को व्यापारियाें ने दरकिनार कर एक्साइज रजिस्ट्रेशन कराना शुरू कर दिया है। पहले ही हडताल से उन्हें बडा नुकसान हुआ है और एक्साइज डयूटी को भी वापस नहीं लिया गया। ऐसे में ज्वैलर्स ने रजिस्ट्रेशन कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
एक्साइज हटाओ, भले कस्टम ड्यूटी बढ़ा लो
श्री सराफा कमेटी ने वित्तमंत्री को भेजे ज्ञापन में कहा है कि केंद्र सरकार आयात होने वाले सोने पर 10 फीसदी कस्टम ड्यूटी वसूल रही है। यह सोना रॉ मैटेरियल के रूप में प्रयोग होता है और इसका महज 50 फीसदी ही आभूषणों में उपयोग हो पाता है। अगर राजस्व ही बढ़ाना है तो कस्टम ड्यूटी 10 की जगह 11 प्रतिशत कर दें। इससे एक्साइज की अपेक्षा कहीं ज्यादा टैक्स मिल जाएगा।
सोने, हीरे के आभूषणों पर केंद्र सरकार दो बार एक्साइज ड्यूटी लगाने का प्रयास कर चुकी है, लेकिन दोनों ही बार व्यापारियों के कड़े विरोध के कारण कदम पीछे खींचने पड़े। साल 2005 में केंद्र सरकार ने दो प्रतिशत एक्साइज लगाया था, जबकि 2012 में एक फीसदी ड्यूटी लगाई गई। दोनों ही बार व्यापारियों ने अनिश्चितकालीन बंदी कर सरकार को रोल बैक के लिए मजबूर कर दिया। यह तीसरा मौका है, लेकिन व्यापारी एक्साइज ड्यूटी के खिलाफ लंबे आंदोलन की तैयारी कर रहे हैं।
Leave a comment