
आगरालीक्स…. यूपी में विधानसभा चुनाव की उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है। इसे देखते हुए फोटोयुक्त मतदाता पहचान पत्र दिए जाएंगे, इसमें कोई गडबडी न हो, इसके लिए पहले मतदाता पहचान पत्र का प्रिंट आउट दिखाया जाएगा, गडबडी होने पर उसमें संशोधन किया जाएगा। इसके साथ ही तहसीलों में जन सुविधा केंद्रों पर ही मतादाता फोटो पहचान पत्र बनाए जाएंगे । बुधवार को आगरा आए राज्य मुख्य चुनाव अधिकारी अरुण सिंघल ने विधानसभा चुनाव की तैयारियों की समीक्षा की।
सर्किट हाउस में अरुण सिंघल ने मतदेय स्थलों के निर्धारण और मतदाता पुनरीक्षण अभियान की तैयारियों के संबंध में अधिकारियों से जानकारी ली। कुछ अधिकारियों ने मतदान के दौरान पीठासीन अधिकारियों को कम संख्या में प्रपत्र देने की मांग की। उन्होंने कहा कि इस तरह की प्रक्रिया अपनाई जाए, जिससे पीठासीन अधिकारी का कागजी काम कुछ कम हो सके।बैठक के बाद प्रेस कांफ्रेंस में अरुण सिंघल ने कहा कि तहसीलों के जन सुविधा केंद्रों में मतदाता को पहचान पत्र जारी करने से पहले प्रिंट आउट दिखाया जाएगा, ताकि गलती को सुधारा जा सके। इसके बाद हाथों हाथ पहचान पत्र मिल जाएगा।
प्रवासी भारतीयों के मतपत्र आनलाइन
प्रवासी भारतीयों के मतपत्र आनलाइन भेजने की तैयारी कर ली गई है। लेकिन उन्हें मतपत्र डाक द्वारा ही भेजना होगा। बैठक में डीआईजी अजय मोहन शर्मा, जिलाधिकारी पंकज कुमार, एसएसपी डा. प्रीतिंदर सिंह, एडीएम प्रशासन हरनाम सिंह, सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी भारत सिंह सहित सभी एसीएम और एसडीएम शामिल रहे।
एक महीने में वोटर कार्ड
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि फार्म भरने के बाद जिन मतदाताओं के वोटर कार्ड अभी तक नहीं मिले हैं, ऐसे मतदाताओं के शेष वोटर कार्ड एक माह में उपलब्ध करा दिये जायेंगे। उन्होंने यह भी बताया कि नये प्रयोग केे तौर पर जन सुविधा केन्द्रों पर नये वोटर कार्ड तैयार कराने का विचार चल रहा है, जिसके लिए चुनाव आयोग को प्रस्ताव भेजा गया है, जिसकी अनुमति मिलते ही प्रक्रिया को मूर्त रूप दिया जायेगा। इस सम्बन्ध में आईटी सेक्सन से भी चर्चा हो चुकी है । इस प्रक्रिया के शुरू होने से कोई भी व्यक्ति फार्म भरने के पश्चात सत्यापन के बाद सही होने की दशा में जन सुविधा केन्द्र से अपने वोटर कार्ड का प्रिन्ट तत्काल निकलवा सकता है, जिसके लिए मात्र 25/रू0 खर्च करने होंगे जनसुविधा केन्द्र संचालन को प्रिन्टर स्वयं खरीदना होगा। उन्होंने बताया कि इस सम्बन्ध में कोई और रूकावट नहीं आयी तो चुनाव आयोग से अनुमति मिलते ही यह व्यवस्था अगले तीन माह में लागू हो जायेगी। जिससे आम जनता को बड़ी संख्या में इसका लाभ मिलेगा।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने विधानसभा क्षेत्र वार समीक्षा करते हुये कहा कि एक ही व्यक्ति के दो स्थानों पर वोटर कार्ड नहीं होना चाहिए, मृतक वोटर की स्थिति में स्थलीय निरीक्षण के अतिरिक्त, पेंशन सत्यापन, जन्म-मृत्यु रजिस्टर, कोषागार में पेंशन सत्यापन सहित कई अच्छे उपाय हंै जिनके माध्यम से सत्यापन कराकर वास्तविक स्थिति का पता लगाया जा सकता है। भविष्य में आॅनलाइन वोटिग प्रक्रिया के सम्बन्ध में कहा कि यह प्रक्रिया अच्छी है, लेकिन इसमें कई प्रकार की दिक्कतें आ रही हैं। उन्होंने बताया कि इसमें यह भी सुनिश्चित करना पड़ेगा कि वोट की निष्पक्षता, गोपनीयता भंग नहीं हो, और किसी के प्रभाव में वोटिंग न की जाये तभी यह प्रक्रिया सफल रूप से सम्भव होगी।
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