आगरालीक्स…कोरोना पर नियंत्रण हुआ तो रेलवे का बढ़ा राजस्व. पार्सल और लगेज लदान से पिछले वर्ष की अपेक्षा इस वर्ष 82% की राजस्व वृद्धि…
2021-22 में उत्तर मध्य रेलवे आगरा द्वारा पार्सल और लगेज लदान से उल्लेखनीय अर्जन किया गया है। वर्ष 2020-21 में, पार्सल ट्रैफिक 16.4 मीट्रिक टन था जबकि 2021-22 में यह लगभग 75 % बढ़कर 28.8 मीट्रिक टन हो गया। इसमें से अनुमानित राजस्व पिछले वर्ष के रुपए 5.5 करोड़ की तुलना में 82 % की वृद्धि के साथ इस वर्ष लगभग रुपए 10 करोड़ रहने की संभावना है। अगरा मंडल से पार्सल यातायात के माध्यम से आगरा के कारोबारी कलकत्ता, मुंबई, आदि शहरों तक अपना माल पहुंचाते हैं, जिसमें आगरा से जूता, मथुरा से पूजा सामग्री और धोलपुर से दुग्ध उत्पाद प्रमुख हैं।

ऑपरेशन ग्रीन (टॉप टू टोटल) के तहत उत्तर मध्य रेलवे आगरा द्वारा 21 किसान रेल चलाई गईं। ये किसान रेल दक्षिणी या उत्तर-पूर्वी भारत के विभिन्न गंतव्यों के लिए आगरा से चलाई गई हैं। छोटे किसानों की सुविधा के लिए किसान रेल को एक नई अवधारणा के साथ सब्सिडी के प्रावधान के माध्यम से अपने उत्पाद को अधिकता से कमी वाले क्षेत्रों में ले जाने वाली सुविधा के रूप में प्रारंभ किया गया है। इस प्रयास से भारतीय रेल ने आगरा मंडल में आलू का उत्पादन करने वाले छोटे और मझले किसानो को सप्लाई चेन से जोड़ने और उनको अपने उत्पाद का बेहतर मूल्य दिलवाने में सहयोग दिया है। इसी के साथ इन 21 किसान रेलों को चलाकर उत्तर मध्य रेलवे आगरा ने 1.37 करोड़ रुपये (सब्सिडी को छोड़कर) अर्जित किए। इन किसान रेलों के संचालन के माध्यम से किसानों को रु. 1.32 करोड़ की सब्सिडी दी गई है