आगरालीक्स…स्त्री रोगों के उपचार की आधुनिक तकनीक और दवाओं पर हुई चर्चा
उजाला सिग्नस रेनबो हाॅस्पिटल और रेनबो आईवीएफ के सहयोग से अस्पताल के सभागार में एक सीएमई आयोजित की गई। इसमें महिला स्वास्थ्य, गर्भावस्था, इलाज की नई तकनीकों और आधुनिक दवाओं पर चर्चा की गई।
रेनबो आईवीएफ कीं निदेशक डा. जयदीप मल्होत्रा ने बताया कि प्रोजेस्टेरोन एक फीमेल हार्मोन है जो प्रेग्नेंसी के दौरान अहम भूमिका निभाता है। यह मासिक धर्म को नियंत्रित करने में भी मदद करता है। इसकी कमी होने पर यह दवा के रूप में डाॅक्टरों की सलाह पर दिया जाता है, इसका उपयोग कब और कैसे करना है यह परिस्थितियों पर निर्भर है और डाॅक्टर ही तय करते हैं। उजाला सिग्नस रेनबो हाॅस्पिटल के निदेशक डाॅ. नरेंद्र मल्होत्रा ने बताया कि कई महिलाओं को गर्भावस्था के नौ महीने आराम से निकल जाते हैं तो कुछ हाई प्रेग्नेंसी रिस्क में आती हैं। कई बार इस रिस्क को कम करने के लिए डाॅक्टर प्रोजेस्टेरोन के शाॅट्स लिखते हैं।

ड्राइडोजेस्टेरोन एक आधुनिक दवा है और कई तरह के खतरों को कम करने में कारगर है। यह महिलाओं में बांझपन, अनियमित माहवारी, प्रीमेंस्ट्रुअल सिंड्रोम, एंडोमेट्रियोसिस समेत बार-बार होने वाले गर्भपात को रोकने में मददगार है। डाॅ. मोनिशा सिंह और डाॅ. सीमा मिश्रा ने भी महत्वपूर्ण जानकारी दी। मध्यस्थता डा. अश्वनी मोहनदास ने की। कार्यशाला एम्क्योर फार्मा के सहयोग से आयोजित हुई। डाॅ. नीहारिका मल्होत्रा, डाॅ. केशव मल्होत्रा, डाॅ. वंदना कालरा, डाॅ. मनप्रीत शर्मा, डाॅ. सेमी बंसल, डाॅ. आशीष मित्तल, डाॅ. राहुल गुप्ता, डाॅ. शैली गुप्ता, डाॅ. नीरजा सचदेव आदि ने डिबेट में हिस्सा लिया। इस अवसर पर बिजनेस हैड प्रदीप कंडारी, महाप्रबंधक राकेश आहूजा, नयनतारा, रवि, चांद अंकित, साधना, ज्योति, शालिनी, उदिता, मनीषा आदि मौजूद थे।