आगरालीक्स…आगरा में पेपर लीक मामले में उच्च शिक्षा मंत्री सख्त. विवि के कुलपति और एसएसपी को दिए निर्देश—किसी भी कीमत पर बक्शे न जाएं अपराधी…
उच्च शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय ने डॉ. भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक और आगरा के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सुधीर कुमार सिंह को आगरा में हुई पेपर लीक की घटना को गम्भीरता से लेते हुए निर्देशित किया गया कि इसमें जो भी अपराधी पाये जायें, उन्हें किसी कीमत पर बक्शा न जाये और उनके खिलाफ विभागीय जॉंच/अपराधिक कार्यवाही प्रारम्भ की जाए. पेपर लीक के केन्द्र से लेकर निचले स्तर पर जिन छात्रों ने उसको अनुचित रूप से प्राप्त किया है, सभी के विरूद्ध समुचित कार्यवाही सुनिश्चित की जाये.

उच्च शिक्षा मंत्री के कड़े रूख के अनुक्रम में कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक के द्वारा प्रकरण में लगातार दृष्टि बनाये हुए हैं और समीक्षा की जा रही है. ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो और प्रश्नपत्रों की गोपनीयता को सुनिश्चित करने के लिए सभी नोडल केन्द्रों पर राजकीय अथवा अनुदानित महाविद्यालयों के वरिष्ठ शिक्षकों को पर्यवेक्षक के रूप में नियुक्त किया गया है, जिनके समक्ष ही प्रश्नपत्र वितरण कार्यवाही करना अनिवार्य होगा. प्रत्येक परीक्षा केन्द्र के लिये जीपीएस से युक्त अलग अलग वाहनों की व्यवस्था सुनिश्चित की गयी है, जिससे परीक्षा केन्द्र पर प्रश्न पत्र परीक्षा प्रारम्भ होने से 30 मिनट पूर्व से पहले न पहुंचे. इस व्यवस्था के अनुश्रवण के लिये वरिष्ठ आचार्य की टीम गठित की गयी है. यह टीम जिले वार निरन्तर नोडल केन्द्रों के सम्पर्क में रहेगी और सभी नोडल केन्द्रों को प्रश्नपत्र वितरण का रूट प्लान गूगल फार्म के माध्यम से भरवाना प्रारम्भ हो गया है. इसके अतिरिक्त परीक्षा केन्द्र को प्रश्नपत्र वितरण की विडियों भी गूगल लिंक पर अपलोड करायी जा रही है. सभी नोडल केन्द्रों पर रेडियों फ्रिकवेन्सी आईडेन्टिटीफिकेशन लॉक लगवा दिया गया है। यह एक इलेक्ट्रोनिक लॉक होता है, जिसके ऊपर एक चिप लगी होती है। इस चिप का नियंत्रण विश्वविद्यालय स्थित नियंत्रण कक्ष में होगा और परीक्षा प्रारम्भ होने के ठीक 01 घंटा पहले ही स्ट्रांग रूम लगे इस लॉेक को नियंत्रण कक्ष से ही खोला जायेगा. तभी प्रश्न पत्र वितरण की कार्यवाही प्रारम्भ की जायेगी. ऐसा प्रयोग विश्वविद्यालय की परीक्षा में प्रथम बार हो रहा है. इस लॉक के साथ ही दो कैमरे स्ट्रांग रूम के बाहर और दो कैमरे स्ट्रांग रूम के अंदर लगवाये गये है, जो विश्वविद्यालय के नियंत्रण कक्ष से जुडे हुये है.
परीक्षाओं के संचालन हेतु वर्तमान मेें 32 नोडल केन्द्र कार्यरत थे, किन्तु आधा घंटे पूर्व ही प्रश्न पत्र परीक्षा केन्द्रो पर पहुचें, इस दृष्टि से दूरस्थ स्थित नोडल केन्द्रों को विभाजित कर नोडल केन्द्रों की संख्या बढाकर परीक्षा केन्द्रोे के निकटस्थ स्थानों पर किये जाने की व्यवस्था कर दी गयी है. परीक्षा केन्द्रोे पर केन्द्र अध्यक्ष के अतिरिक्त अन्य किसी के पास भी मोबाइल फोन प्रतिबन्धित कर दिया गया है. उच्च शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय जी ने एसएसपी सुधीर कुमार सिंह को निर्देशित किया है कि इस प्रकरण पर हुयी एफआईआर की विवेचना में चिन्हित हुये अपराधियों का खुलासा कर उनके विरूद्ध कड़ी से कड़ी कार्यवाही शीघ्रता से करें.