
आगरा कॉलेज के सामने नेहरू नगर निवासी डॉ अमित गुप्ता का अमित अल्ट्रासाउंड स्कैनिंग सेंटर है। मंगलवार दोपहर में यहां बीकानेर की टीम सादा कपडे में पहुंची, उनके साथ गर्भवती महिला भी थी। महिला का लिंग निर्धारण करने के लिए 25 हजार रुपये में सौदेबाजी के बाद डॉक्टर को पैसे दिए गए। वह अल्ट्रासाउंड करने लगे, इसी बीच टीम ने उन्हें रंगे हाथ पकड लिया। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार , पुलिस पूछताछ में पकडी गई दलाल मंजू और डॉक्टर से जानकारी मिली है कि कोख में बेटी तो नहीं है, इसके लिए अल्ट्रासाउंड कराया जाता था, बेटी होने पर गर्भपात करा दिया जाता है। ऐसे में अल्ट्रासाउंड में बेटा या बेटी कोई भी हो, पहली बार महिला और उसके परिजन को बताया जाता था कि गर्भ में बेटी है।
मोटी कमाई के लिए बेटियों के साथ बेटों की कोख में हत्या
अल्ट्रासाउंड से लिंग निर्धारण के 10 से 15 हजार रुपये और बेटी होने पर गर्भपात कराने के लिए 15 से 25 हजार रुपये लिए जाते थे। मोटी कमाई करने के लिए अल्ट्रासाउंड में बेटा होने पर भी उसे बेटी बताया जाता था, जिससे उसका गर्भपात भी कराया जा सके और मोटी कमाई कर ली जाए।
बीकानेर की टीम ने पकडा, स्वास्थ्य विभाग को पता तक नहीं
यह शर्मसार करने वाली घटना हुई है कि राजस्थान की टीम ने आगरा में आकर स्टिंग आॅपरेशन कर लिंग निर्धारण करते हुए डॉक्टर को पकड लिया, वह कई साल से यह काम कर रहा था। मगर, यहां के स्वास्थ्य विभाग को कुछ पता ही नहीं था।
आईएमए करेगी सामाजिक बहिष्कार
आईएमए ने बडा कदम उठाया है, आईएमए, आगरा के अध्यक्ष डॉ जेएन टंडन का कहना है कि आईएमए बेटी बचाओ बेटी पढाओं के लिए काम कर रही है। ऐसे में कोई डॉक्टर गलत काम करते हुए मिलता है तो उसका सामाजिक बहिष्कार किया जाएगा, उसकी आईएमए की सदस्यता समाप्त की जाएगी। इसके लिए एक कमेटी गठित की जा रही है जो डॉक्टरों पर भी नजर रखेगी, जिससे इस तरह के गलत धंधे में शामिल डॉक्टरों पर आईएमए के स्तर से भी कार्रवाई की जा सके।
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