आगरालीक्स…आगरा की सड़कें खोखली पड़ी हुई हैं. बारिश में अक्सर होती हैं सड़क धंसने की घटनाएं. कहीं गैस की लाइन डल रही है तो कहीं सीवर या पानी की लाइन. जहां सड़क बनी, वहां फिर से हो जाती है खोदाई शुरू…
आगरा में सोमवार को दर्दनाक घटना घटित हुई थी. तोता का ताल के पास पानी की पाइपलाइन के लिए खोदे गए गड्ढे में 6 साल के एक मासूम की गिरने से जान चली गई. बताया जाता है कि यह गड्ढा कई दिनों से खुला पड़ा हुआ था. आसपास ठीक से बेरीकेडिंग भी नहीं की गईथी. लेकिन अगर देखा जाए तो आगरा में सिर्फ यही एक गड्ढा खुदा हुआ नहीं पड़ा है, शहर की लगभग हर कॉलोनी, मोहल्लों में आपको खुले हुए गड्ढे आसानी से दिखाई दे जाएंगे.
दरअसल आगरा की सड़कें खोखली हो गई हैं. बारिश होने पर अक्सर सड़कों के धंसने की समस्याएं सामने आती हैं. बीते साल दयालबाग में ही कुछ ही समय के अंतराल में करीब 6 से सात बार सड़क धंस गई. यह सड़क किसी मोहल्ले या कॉलोनी की नहीं थी बल्कि दयालबाग के सौ फुटा रोड की थी. दयालबाग स्थित एचडीएफसी बैंक के सामने वाली सड़क तो दो से तीन बार धंस चुकी है. शहर की छोटी से छोटी और बड़ी से बड़ी कॉलोनियों में कहीं गैस की लाइन डालने के लिए सड़क खोदी जा रही है तो कहीं पानी की पाइपलाइन या फिर सीवर के लिए. बिजली की लाइन अंडरग्राउंड करने के लिए सड़कों को पहले ही खोदा जा चुका है.
लोगों का कहना है कि सड़कें कई सालों बाद और न जाने कितनी शिकायतों के बाद बनाई जाती हैं, लेकिन बनने के कुछ समय बाद ही किसी ने किसी काम के लिए फिर से सड़क को खोद दिया जाता है. लोगों का आरोप है कि सड़कों को खोदने के बाद कंपनी की ओर से लगे कारीगरों या मजदूरों के द्वारा सड़क के गड्ढे को भर तो दिया जाता है लेकिन उसे प्रॉपर रूप से ठीक नहीं किया जाता है. नतीजा ये होता है कि बारिश पड़ने के बाद सड़क धंसना शुरू हो जाती है और फिर से सड़क बनाने के लिए जिम्मेदारों व जनप्रतिनिधियों के पास एप्लीकेशन लेकर दौड़ना पड़ता है. हाल ही में हरीपर्वत चौराहे के पास सड़क धंस गई जिसमें दो दिन तो इसी में बीत गए कि यह सड़क धंसी है तो इसे ठीक करने की जिम्मेदारी किस विभाग की है.फिलहाल तो आगरा में आने वाले दिनों में मानसूनी की बारिश होगी, लेकिन सड़कों का हाल किसी से छुपा नहीं है. कब कहां और कितना गहरा गड्ढा हो जाए, कुछ नहीं बताया जा सकता.