
इलाहाबाद निवासी चंद्रकांत आगरा से पहले अलीगढ में कमिश्नर थे, वे गौतमबुद्ध नगर मुरादाबाद, सोनभद्र में डीएम रह चुके हैं, इसके बाद उन्हें अलीगढ का कमिश्नर बनाया गया था। कमिश्नर चंद्रकांत ने कहा कि कहा कि प्रदेश शासन की मंशा के अनुरूप सभी अधिकारी अपने कार्यालयों में समय से उपस्थित होकर जनशिकायतों का निस्तारण प्राथमिकता के आधार पर समयबद्धता के साथ सुनिश्चित करायें। उन्होंने कहा कि जनशिकायतों का निस्तारण आॅनलाइन भी किया जाता है। उन्होंने आगरा में पानी की समस्या के सम्बन्ध में कहा कि जल्दी ही बैठक कर पेयजल व्यवस्था में सुधार के प्रयास होंगे। आगरा विकास प्राधिकरण द्वारा आयोजित होने वाले प्राधिकरण दिवस में भी समस्याओं का निस्तारण प्राथमिकता पर रहेगा।
मण्डलायुक्त ने अधिकारियों से अपेक्षा की है कि प्रदेश शासन की मंशा के अनुरूप जनकल्याणकारी योजनाओं से जरूरतमन्दों लोगों को लाभान्वित करायें। उन्होंने प्रदेश सरकार की प्राथमिकता के तहत गरीबी उन्मूलन, रोजगार परक एवं जनकल्याणकारी कार्यक्रमों के द्वारा समाज के पिछड़े व गरीब लोगों के आर्थिक और सामाजिक विकास के लिए सामाजिक हित को ध्यान में रखकर ऐसे कार्यों को अंजाम तक पहुंचाने के लिए सक्रिय योगदान करें।
इससे पूर्व सर्किट हाउस आगमन पर जिलाधिकारी पंकज कुमार, नगर आयुक्त इन्द्रविक्रम सिंह, आरएफसी कै0 प्रभांशु श्रीवास्तव, एडीएम सिटी राजेश कुमार श्रीवास्तव, एडीएम (प्रशासन) हरनाम सिंह, एडीएम (प्रोटोकाल) अरूण कुमार, तहसीलदार रविशंकर सिंह सहित विभिन्न अधिकारियों स्वागत किया गया।
आगरा कमिश्नर से नहीं की थी जवाहर बाग प्रकरण की जांच
इससे पहले जवाहर बाग मथुरा में एसपी सिटी मुकुल द्विवेदी और एसओ फरह संतोष यादव शहीद हो गए थे, 27 उपद्रवियों की मौत हुई थी। इस मामले की जांच कमिश्नर प्रदीप भटनागर को दी गई थी, वे मौके पर भी गए थे, लेकिन बाद में कमिश्नर अलीगढ चंद्रकांत से जांच कराई गई। वे ही मथुरा प्रकरण की जांच कर रहे हैं।
लंबे समय से रहे हैं कार्यरत
कमिश्नर प्रदीप भटनागर आगरा में लंबे समय तक कार्यरत रहे हैं, उनकी पत्नी आकांक्षा समिति की अध्यक्ष संगीता भटनागर ने भी सामाजिक कार्यों में आगे बढकर हिस्सा लिया। कमिश्नर प्रदीप भटनागर का कार्यकाल भी अच्छा रहा है।
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