
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, बुधवार को सिटी मजिस्ट्रेट रेखा एस चौहान और पुलिस की मौजूदगी में पंचशील आश्रय गृह को खाली कराया गया। वर्तमान में आश्रय गृह में 19 बुजुर्ग महिलाएं, 18 युवतियां, 16 किशोरियां व एक मंदबुद्धि बच्चा रह रहा था। उन्हें रामलाल वृद्धाश्रम भेजा गया है। यहां से जाते समय सभी का एक ही सवाल था कि मैडम वहां हमारे साथ मारपीट तो नहीं होगी, समय से खाना दिया जाएगा। इस दौरान आश्रय गृह के संचालक डीडी मथुरिया गायब मिले। कैंपस में रहने वाले उनके परिवार के सदस्य मौजूद थे। पुलिस प्रशासन की टीम ने उन्हें हिदायत दी कि जांच पूरी नहीं होने तक कोई शहर नहीं छोड़ेगा। पुलिस ने बताया कि आश्रय गृह चलाने के लिए ग्रांट समाज कल्याण विभाग से मिलती है। प्रत्येक आश्रित के पांच सौ रुपये महीना मिलता है। कर्मचारियों का वेतन मिलता है। आश्रय गृह में सभी कर्मचारी डीडी मथुरिया के रिश्तेदार थे। कितने आश्रित की सूची प्रत्येक माह भेजी जाती थी यह जांच का विषय है। तभी पता चलेगा कि ग्रांट कितनी आती थी और खर्चा कितना होता था।
सिटी मजिस्ट्रेट ने की थी जांच
21 जून को सिटी मजिस्ट्रेट रेखा एस चौहान और एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग सेल के प्रभारी पूरन सिंह मेहरा ने आश्रय गृह का निरीक्षण किया था। जांच में वहां रहने वाली लड़कियों और बुजुर्ग महिलाओं ने गंभीर आरोप लगाए थे। उन्हे कमरे में बंद रखा जाता था। एक मूक बधिर महिला के साथ रेप हुआ था। इस घटना को दबा दिया गया था। सात माह पूर्व 11 साल की भोपाल निवासी राखी की संदिग्ध हालात में मौत हुई थी। उपस्थिति रजिस्टर में उसकी हाजिरी उस दौरान भी लगाई गई थी जब वह एसएन हॉस्पिटल में भर्ती थी। शव का पोस्टमार्टम नहीं कराया गया था। उसके परिवारीजनों को सूचना तक नहीं दी गई थी।
सिटी मजिस्ट्रेट रेखा एस चौहान की जांच रिपोर्ट डीएम पंकज कुमार ने शासन को भेज दी। रिपोर्ट में इस आश्रय गृह की वित्तीय सहायता बंद करने की सिफारिश की गई। साथ ही यह भी लिखा गया कि यहां रहने वाली महिलाओं और युवतियों को दूसरी जगह शिफ्ट कराया जा रहा है।
कराया जाएगा रेप और गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज
डीएम पंकज कुमार के निर्देश पर जिला प्रोवेशन अधिकारी अजीत कुमार द्वारा तैयार की गई तहरीर पर कहा गया है कि पंचशील आश्रय गृह संचालक, अधीक्षिका और कर्मचारियों को आरोपित बनाया गया है। मूक बधिर महिला से रेप, मासूम बच्ची की हत्या, बंधक बनाना, मारपीट करना, मानव तस्करी जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। तहरीर मुकदमा दर्ज करने के लिए ताजगंज पुलिस को दी गई है। देर रात तक मुकदमा दर्ज नहीं किया गया था। पुलिस ने बताया कि मुकदमा लिखना तय है।
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