
बुधवार को होटल क्रिस्टल सरोवर प्रीमियम में कांफ्रेंस 15 से 17 जुलाई तक होटल जेपी पैलसे में होने जा रही तीन दिवसीय अमासी (एसोसिएशन ऑफ मिनिमल एक्सेस सर्जरी ऑफ इंडिया) का पोस्टर विमोचन किया गया। संयोजक डॉ हिमांशु यादव ने बताया कि यह कार्यशाला यूपी में पहली बार आयोजित की जा रही है। उद्घाटन 15 जुलाई को शाम 4 बजे मुख्य अतिथि डीजीएमए (डायरेक्टर जनरल ऑफ मेडिकल एजूकेशन यूपी) डॉ. वीएन त्रिपाठी व विशिष्ट अतिथि संजय गांधी पीजीआई के डीन (पद्मश्री) राजन सक्सेना करेंगे। डॉ. हिमांशु यादव ने बताया कि सर्जन में दूरबीन विधि से ऑपरेशन में तकनीकि ज्ञान के अभाव व नई जानकारियों से अपडेट न रहने के कारण सभी मरीजों को दूरबीन विधि का लाभ नहीं मिल पाता। कांफ्रेंस के दौरान तीन दिवसीय स्किल्ड कोर्स की फैलोशिप भी चलेगी। अंतिम दिन 17 जुलाई को एफएमएएस (फैलोशिप इन मिनिमल एक्सेस सर्जरी) एग्जामिनेशन के बाद सर्जनों को डिग्री भी प्रदान की जाएगी। डॉ. हिमांशु ने प्रजेंटेशन के माध्यम से बताया कि आज कैंसर जैसे ऑपरेशन भी दूरबीन विधि से किए जा सकते हैं। गायनी में भी इसका काफी स्कोप है। बच्चेदानी, रसौली व बांझपन के आपरेशन भी आज दूरबीन विधि से सम्भव हैं। लेकिन 50 फीसदी ऑपरेशन ओपन विधि से हो रहे हैं। दूरबीन विधि से भी 90 फीसदी ऑपरेशन बेसिक ऑपरेशन विधि से हो रहे हैं। गॉल ब्लडर के 95 फीसदी ऑपरेशन दूरबीन विधि से सम्भव हैं। इसके बावजूद गॉल ब्लडर के 50 फीसदी ऑपरेशन ओपन सर्जरी से हो रहे हैं। इसी तरह ऑत के कैंसर में 80 फीसदी ऑपरेशन दूरबीन विधि से सम्भव हैं, लेकिन 90 फीसदी ओपन और मात्र 10 फीसदी दूरबीन विधि से हो रहे हैं। जबकि यूरोपियन कंट्री में कैंसर के ऑपरेशन 50 फीसदी दूरबीन विदि से होते हैं।
डॉ. हिमांशु ने बताया कि कांफ्रेंस व एफएमएएस एग्जामिनेशन का उद्देश्य युवा व प्रेक्टिसिंग सर्जन को दूरबीन पद्दति की नवीनतम विधियों को स्टैंडर्ड इंटरनेशनल एक्सेप्टेड तरीकों से सिखाना है, ताकि मरीजों को बेहतर रिजल्ट मिल सकें। डॉ. सुरेन्द्र पाठक ने कहा कि इस कोर्स को करने के लिए सर्जन को बाहर जाना पड़ता है। लेकिन आगरा में यूपी की इस पहली कांफ्रेंस का लाभ हर सर्जन को उठाना चाहिए। डॉ. नरेन्द्र मल्होत्रा ने आयोजकों को बधाई दी।
इस मौके पर डॉ. नरेन्द्र मल्होत्रा, डॉ. एचएल राजपूत, डॉ. राजेश गुप्ता, डॉ. सुरेन्द्र पाठक, डॉ. अविनाश मित्तल, डॉ. श्वेतांक प्रकाश, डॉ. आराधना सिंह आदि उपस्थित थे।
दूरबीन विधि से ऑपरेशन के फायदे
छोटा चीरा, जल्दी स्वास्थ्य लाभ, कम दर्द, हास्पीटल से जल्दी छुट्टी, कम खर्च।
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