
(इंटरनेट फोटो)
सगीर फातिमा गल्र्स इंटर कॉलेज की 12 वीं की छात्रा नाजिया ने बताया कि मंटोला क्षेत्र में 50 साल से महिला कुछ लोगों के साथ मिलकर सट्टा करा रही थी। इन लोगों को पुलिस की शह भी मिल रही थी। पिछले दिनों मोहल्ले के लोग सट्टा कराने वालों के खिलाफ हो गए। सिटी मजिस्ट्रेट और एसएसपी से शिकायत की। सभी लोगों ने अपने हस्ताक्षर करते हुए एक शिकायती पत्र दिया। पुलिस ने सट्टा बंद करा दिया। मगर, अब सट्टा बंद होने से बौखलाए लोग उससे और उसके परिवार से रंजिश मान बैठे हैं। महिला ने उसके पिता, भाई सहित अन्य लोगों के खिलाफ बलात्कार और चोरी का मुकदमा लिखवाने के लिए थाना मंटोला में तहरीर दी है। उसके बाद से पुलिस लगातार उनको परेशान कर रही है।
दुपट्टा खींचा, अगवा करने की कोशिश
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, 26 जून को महिला के भाई ने छात्रा का घर के पास दुपट्टा खींच लिया। विरोध करने पर मारपीट कर दी। मोहल्ले के लोगों के आने पर वह धमकी देकर भाग गया। इस घटना की जानकारी पुलिस को दी, लेकिन पुलिस ने कार्रवाई नहीं की। अब उसे स्कूल आते-जाते परेशान किया जा रहा है। 28 जून से लगातार थाना पुलिस के चक्कर काट रही छात्रा की कोई सुनवाई नहीं हो रही है। बुधवार को उसने एसपी सिटी सुशील घुले से शिकायत की, एसपी सिटी का कहना है कि छात्रा की शिकायत पर छेड़छाड़ और मारपीट का मुकदमा दर्ज कर तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। उसके परिवार की सुरक्षा के भी निर्देश दिए गए हैं। थाना पुलिस का कहना है कि दोनों पक्षों में पुराना विवाद है। इसलिए छात्रा की मां और भाई, जबकि दूसरे पक्ष के तीन लोगों को पाबंद किया गया है।
मुख्यमंत्री ने किया था सम्मानित
पीड़ित छात्रा ने अगस्त 2015 में मंटोला क्षेत्र के स्कूल के बाहर से तीसरी कक्षा की छात्रा को अगवा होने से बचा लिया था। वह बाइक सवार दो बदमाशों से भिड़ गई थी। बदमाश बच्ची को छोड़कर भाग निकले थे। उसके इस साहस पर शहर की कई सामाजिक संस्थाओं ने और पुलिस प्रशासन ने उसका सम्मान किया था। पिछले दिनों मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भी उसको रानी लक्ष्मीबाई वीरता पुरस्कार से सम्मानित किया।
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