आगरालीक्स… भारतीय रुपया 80 रुपये प्रति डॉलर के निचले स्तर पर पहुंच गया है। इससे आगरा के कुछ लोगों को फायदा भी पहुंच रहा है। जानिये कैसे होगा नफा-नुकसान।
डॉलर के मुकाबले रुपये में तेज गिरावट
भारतीय रुपये में आज चार पैसे की गिरावट दर्ज की गई है और रुपया डॉलर के मुकाबले 80 रुपये से भी नीचे चला गया है। भारतीय मुद्रा रुपये की वैल्यू पिछले कुछ समय से तेजी से कम हुई है। रुपया लगातार एक बाद एक निचले स्तर पर जा रहा है।
तेल की बढ़ी कीमतें औऱ रूस-यूक्रेन जिम्मेदार
रुपये में गिरावट का कारण सरकार की ओर से कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और रूस-यूक्रेन युद्ध के कारण हो रही है।
पाउंड. येन और यूरो के मुकाबले रुपया मजबूत
वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा है कि अन्य देशों की करेंसी भारतीय रुपये की तुलना में अधिक गिर रही हैं। भारतीय रुपया, ब्रिटिश पाउंड, जापानी येन,यूरों के मुकाबले मजबूत हुआ है।
निर्यातकों को डॉलर के रूप में भुगतान से फायदा

आगरा कॉलेज में अर्थशास्त्र विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर शरदचंद्र भारद्वाज ने रुपये की गिरावट को लेकर कहा कि आगरा के निर्यातकों को इसका सबसे ज्यादा फायदा मिलेगा क्योंकि निर्यातकों को भुगतान डॉलर के रूप में किया जा रहा होगा, जो वर्तमान स्तर उस पर भुगतान मिलेगा तो निश्चित रूप से फायदा होगा। आगरा से प्रमुख रूप से शूज और हैंडीक्राफ्ट का निर्यात होता है, रुपये की कमजोरी का फायदा इन लोगो को मिलेगा।
विदेशों में नौकरी करने वाले युवाओं के परिजनों की बल्ले-बल्ले
वह बताते हैं कि भारत के बहुत से युवा विदेशों में नौकरी कर रहे हैं और वह अपने परिवार को रुपये भेजते हैं तो ऐसे लोगों को भी फायदा होगा। उदाहरण के रूप में आगरा का नितिन अमेरिका में सॉफ्टवेयर कंपनी में इंजीनियर है, वह अपने परिवार को 100 डॉलर प्रतिमाह भेजता है तो उसके परिजनों को भारतीय करेंसी के रूप में आज 8000 हजार रुपये प्राप्त होंगे। यदि डॉलर की कीमत रुपये के मुकाबले 70 रुपये है तो आगरा भेजे गए 100 डॉलर की कीमत 7000 रुपये रह जाएगी।
रुपये की गिरावट से अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा असर
एसोसिएट प्रोफेसर भारद्वाज का कहना है कि रुपये की गिरावट का सबसे बड़ा असर हमारी अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा क्योंकि किसी भी चीज का इम्पोर्ट डॉलर के रूप में किया जाता है।
आम आदमी की जेब होगी खाली, बढ़ेगी महंगाई
पेट्रोल-डीजल समेत अन्य आयात की जाने वाली वस्तुएं महंगी मिलेंगी। इसका असर आम आदमी तक पड़ेगा। इसलिए रुपये की गिरावट चंद लोगों को तो फायदा पहुंचाएगी लेकिन आम आदमी को महंगाई की मार झेलनी पड़ जाएगी।