Monday , 20 April 2026
Home अध्यात्म Agra news: Hariyali Teej festival tomorrow: There is an increase in the good fortune and prosperity of women
अध्यात्मटॉप न्यूज़

Agra news: Hariyali Teej festival tomorrow: There is an increase in the good fortune and prosperity of women

163

आगरालीक्स… हरियाली तीज (मधुश्रवातीज) कल है। भगवान शिव ने इस दिन ही माता पार्वती को पत्नी के रूप में स्वीकार किया था। जानिये क्या है महत्व।

सावन माह में होते हैं प्रेम के धागे मजबूत

पंडित हृदय रंजन शर्मा

श्री गुरु ज्योतिष शोध संस्थान गुरु रत्न भंडार के ज्योतिषाचार्य पंडित हृदय रंजन शर्मा बताते हैं कि सावन का महीना प्रेम और उत्साह का महीना माना जाता है। प्रेम के धागे को मजबूत करने के लिए इस महीने में कई त्योहार मनाये जाते हैं। इन्हीं में से एक त्योहार है- ‘हरियाली तीज’। यह त्योहार हर साल श्रावण माह में शुक्ल पक्ष की तृतीया को मनाया जाता है।

इस त्योहार के विषय में मान्यता है कि माता पार्वती ने भगवान शिव को पाने के लिए तपस्या की थी। इससे प्रसन्न होकर शिव ने ‘हरियाली तीज’ के दिन ही पार्वती को पत्नी के रूप में स्वीकार किया था। इस त्योहार के विषय में यह मान्यता भी है कि इससे सुहाग की उम्र लंबी होती है।

🔶 हरियाली तीज से एक दिन पहले द्वितीया का श्रृंगार दिवस के रूप में मनाया जाता है, जिसे सिंजारा कहते हैं। बहू बेटियों को 9-9 प्रकार के मिष्ठान व पकवान बनाकर खिलाए जाते हैं। सिंघारा वाले दिन किशोरी एवं नव विवाहिता वधुएं इस पर्व को मनाने के लिए अपने हाथों और पावों में कलात्मक ढंग से मेहंदी लगाती हैं।

🔷 तीज के दिन स्त्रियां सोलह श्रृंगार करती हैं, जिनमें हरी साड़ी और हरी चूड़ियों का विशेष महत्‍व है. दिन-भर स्त्रियां तीज के गीत गाती हैं और नाचती हैं. हरियाली तीज पर झूला झूलने का भी विधान हैं. स्त्रियां अपनी सहेलियों के साथ झूला झूलती हैं. कई जगह पति के साथ झूला झूलने की भी परंपरा है। नई-नवेली दुल्हन अपने मायके जाकर भी झूला झूलती हैं और सखियों से अपने पिया और उनके प्रेम की बातें करती है।

🔶 कुंवारी कन्याओं को इस व्रत से मनचाहा जीवन साथी मिलता है। हरियाली तीज में हरी चूड़ियां, हरा वस्त्र और मेंहदी का विशेष महत्व है। मेंहदी सुहाग का प्रतीक चिन्ह माना जाता है। इसलिए महिलाएं सुहाग पर्व में मेंहदी जरूर लगाती हैं। इसकी शीतल तासीर प्रेम और उमंग को संतुलन प्रदान करने का भी काम करती है। माना जाता है कि मेंहदी बुरी भावना को नियंत्रित करती है। हरियाली तीज का नियम है कि क्रोध को मन में नहीं आने दें। मेंहदी का औषधीय गुण इसमें महिलाओं की मदद करता है। सावन में पड़ने वाली फुहारों से प्रकृति में हरियाली छा जाती है। सुहागन स्त्रियां प्रकृति की इसी हरियाली को अपने ऊपर समेट लेती हैं। इस मौके पर नई-नवेली दुल्हन को सास उपहार भेजकर आशीर्वाद देती है।

🔶 शाम के समय भगवान शिव और माता पार्वती के पूजन के बाद चंद्रमा की पूजा की जाती है। इस दिन सुहागिन स्त्रियों को श्रृंगार का सामान भेंट किया जाता है। खासकर घर के बड़े-बुजुर्ग या सास-ससुर बहू को श्रृंगार दान देते हैं। हरियाली तीज के दिन खान-पान पर भी विशेष ज़ोर दिया जाता है। हालांकि इस दिन स्त्रियां निर्जला व्रत रखती हैं, लेकिन फिर भी बिना मिठाइयों के त्‍योहार कैसा? तीज के मौके पर विशेष रूप से घेवर, जलेबी और मालपुए बनाए जाते हैं। रात के समय खाने में पूरी, खीर, हल्‍वा, रायता, सब्‍जी और पुलाव बनाया जाता है।

🔷 मुख्य रूप से राजस्थान के साथ कुछ और भी राज्यो में यह त्योहार मुख्य रूप से मनाया जाता है। कुल मिलाकर इस त्योहार का आशय यह है कि सावन की फुहारों की तरह सुहागनें प्रेम की फुहारों से अपने परिवार को खुशहाली प्रदान करेंगी और वंश को आगे बढ़ाएँगी।

पूजा और श्रृंगार सामग्री

🌻 हरियाली तीज के दिन व्रत रखा जाता है और पूजा के लिए कुछ जरूरी सामान की आवश्‍यकता होती है। पूजा के लिए काले रंग की गीली मिट्टी, पीले रंग का कपड़ा, बेल पत्र, जनेऊ, धूप-अगरबत्ती, कपूर, श्रीफल, कलश, अबीर, चंदन, तेल, घी,दही, शहद दूध और पंचामृत चाहिए . वहीं, इस दिन पार्वती जी का श्रृंगार किया जाता है और इसके लिए चूड़‍ियां, आल्‍ता, सिंदूर, बिंदी, मेहंदी, कंघी, शीशा, काजल, कुमकुम, सुहाग पूड़ा और श्रृंगार की अन्‍य चीजों की जरूरत होती है।

पूजा विधि

🍁 सुबह उठकर स्‍नान करने के बाद मन में व्रत का निम्न मंत्र पढ़ ‘उमामहेश्वरसायुज्य सिद्धये हरितालिका व्रतमहं करिष्ये’ संकल्‍प लेना चाहिये।

🍁  सबसे पहले घर के मंदिर में काली मिट्टी से भगवान शिव शंकर, माता पार्वती और गणेश की मूर्ति बनाएं।

🍁 अब इन मूर्तियों को तिलक लगाएं और फल-फूल अर्पित करें।

🍁 फिर माता पार्वती को एक-एक कर सुहाग की सामग्री अर्पित करें।

🍁 इसके बाद भगवान शिव को बेल पत्र और पीला वस्‍त्र चढ़ाएं।

🍁 तीज की कथा पढ़ने या सुनने के बाद आरती करें।

🍁 अगले दिन सुबह माता पार्वती को सिंदूर अर्पित कर भोग चढ़ाएं।

🍁प्रसाद ग्रहण करने के बाद व्रत का पारण करें।

Written by
Agraleaks Team

AgraLeaks is a prominent digital news platform dedicated to delivering timely and reliable news from Agra and the surrounding regions. Established over a decade ago, AgraLeaks has become a trusted source of local journalism, covering a wide range of topics including city news, politics, education, business, sports, health, and cultural events. Its mission is to keep citizens informed and connected with developments that directly impact their community. With a strong focus on hyperlocal reporting, AgraLeaks provides real-time updates on important incidents, civic issues, public events, and government initiatives. Over the years, it has built a reputation for fast reporting and comprehensive coverage, making it one of the most recognized local news portals in Agra. The platform also features regional, national, and international news to offer readers a broader perspective beyond the city. Driven by the principle “Apki Khabar Hamari Nazar” (Your News, Our Watch), AgraLeaks continues to serve as a vital voice of the city, empowering readers with accurate information and strengthening the local media ecosystem through digital journalism.

Related Articles

टॉप न्यूज़

Agra Live News: Car Catches Fire in Civil Court Parking Lot in Agra…#agranews

आगरालीक्स…आगरा में दीवानी की पार्किंग में खड़ी कार में लगी आग. कूड़े...

टॉप न्यूज़

Agra Live News: Scouts and Guides are serving water to passengers on incoming trains at railway stations in Agra…#agranews

आगरालीक्स…आगरा की भीषण गर्मी में रेलवे स्टेशनों पर आने वाली ट्रेनों में...

टॉप न्यूज़

Agra Live News: Online betting on the IPL was being conducted from a flat in Agra…#agranews

आगरालीक्स…आगरा में हाईप्रोफाइल सोसाइटी के अंदर बने फ्लैट में लग रहा था...

अध्यात्म

Rashifal Sunday, 19th April 2026

आगरालीक्स…अक्षय तृतीया पर सिंह, तुला, कुंभ और मीन राशि वाले जातकों को...

error: Content is protected !!