आगरालीक्स…चंबल की बाढ़ में डूबे 20 गांव. कई लोगों ने अभी तक नहीं छोड़ा है गांव. रास्तों में 10 से 20 फुट तक पानी भरा. योगी सरकार के तीन मंत्री भी पहुंचे..सीएम तक जा रही है बाढ़ की रिपोर्ट
चंबल नदी में आई बाढ़ ने अपना विकराल रूप धारण कर लिया है। सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। गांवों गांवों में नदी का पानी भर गया है। घर से लेकर खेतों में पानी भरने पर लोगों ने छतों पर ठिकाना बना लिया है। 20 गांव बाढ़ में डूब गए हैं। चंबल में लगातार पानी छोड़ जा रहा है। इससे बाह और पिनाहट में चंबल में बाढ़ आ गई है, 20 गांव बाढ़ में डूब गए हैं। लोग गांव से बाहर निकल आए हैं वहीं तमाम लोगों ने गांव नहीं छोड़ा है। चंबल का जलस्तर बढ़ने पर ग्रामीणों ने छतों पर सामान रख दिया है। छत पर ही रह रहे हैं।
26 साल का रिकार्ड तोड़ा
आगरा में चंबल के जलस्तर का खतरे का निशान 130 मीटर पर है, 26 साल पहले 1996 में चंबल में बाढ़ आई थी और चंबल का जलस्तर 136.60 मीटर पर पहुंच गया था लेकिन इस बार नया रिकॉर्ड बन गया है। गुरुवार रात तक चंबल का जलस्तर 137.70 मीटर तक पहुंच गया है। इसके बाद से जलस्तर स्थिर है।
पीने के पानी के लिए लोग परेशान
चंबल में बाढ़ आने से हर तरफ पानी ही पानी दिखाई दे रहा है लेकिन लोगों के पीने के लिए पानी नहीं है। इससे लोग परेशान है। पीने के लिए पानी और खाना नहीं मिल पा रहा है। हालांकि जिला प्रशासन द्वारा राहत सामग्री पहुंचाई जा रही है लेकिन कई गांवों में लोग फंसे हुए हैं वहां से राहत सामग्री पहुंचने में भी समस्या आ रही है।

तीन मंत्रियों ने जाना हाल
चंबल में बाढ़ की रिपोर्ट जानने के लिए योगी सरकार के निर्देश पर तीन मंत्री बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करने के लिए पहुंचे. इनमें प्राविधिक शिक्षा मंत्री आशीष पटेल, परिवहन राज्य मंत्री दयाश्ंाकर सिंह और प्राविधिक शिक्षा राज्य मंत्री रजनी तिवारी शामिल थीं. इन्होंने चंबल नदी किनारे स्ािित चंबल डाल नहर परियोजना की द्वितीय पम्प हाउस की इमारत के ऊपर चढ़कर नदी के हालात का जायजा लिया. उन्होंने कहा कि सीएम के निर्देश पर हालात का आंकलन करने आए हैं, जिसकी रिपोर्ट सीएम को सौंपी जाएगी.
