आगरालीक्स …आगरा की सिंडीकेट बैंक के मैनेजर को 10 करोड के फाइनेंस घोटाले में पकडा गया है, अभी आठ आरोपियों को अरेस्ट किया जाना है, इसमें बैंक के अन्य अधिकारी भी हैं। बैंक से किए गए 10 करोड के फाइनेंस घोटाले के लिए साजिश रची गई। बैंक से लोन ले लिया, लेकिन गाडी नहीं खरीदी गई। पुलिस की जांच में घोटाले की परत दर परत खुलती चली गई, अब इस मामले में आरोपियों को अरेस्ट किया जा रहा है।
इस मामले की विवेचना कर रहे सुनील कुमार सिंह ने बताया कि सिंडिकेट बैंक के पदम प्लाजा स्थित रीजनल कार्यालय में तैनात असिस्टेंट मैनेजर दिवाकर सिंह को अरेस्ट कर जेल भेज दिया गया है। उन्होंने ही बैंक की बुंदूकटरा स्थित ब्रांच में पांच फर्जी खाते खुलवाए थे। इसमें से तीन ग्राहकों का सत्यापन उन्होंने खुद किया था। इन पांचाों ग्राहकों को कार लोन के लिए डीडी दिया गया था, यह डीडी कल्याण आॅटो सेल्स के नाम के एकाउंट में जमा किए गए, यह एकाउंट रमेश चंद्र वर्मा ने प्रोपराइटर बनकर खुलवाया था। डीडी जमा होने के बाद एकाउंट में आए पैसों का बंदरबांट कर लिया गया, लेकिन गाडी नहीं खरीदी गई।
10 करोड का है फाइनेंस घोटाला
सिंडीकेट बैंक फाइनेंस घोटाला करीब 10 करोड का है, इस मामले में थाना लोहामंडी में दो मुकदमे दर्ज किए थे, इसकी विवेदना थाना सदर पुलिस कर रही है। इस मामले में ट्रांस यमुना कॉलोनी निवासी राजकुमार शर्मा और उनकी पत्नी को आरोपी बनाया गया है, उन्हें अरेस्ट किया जाना है। जबकि रमेश चंद्र वर्मा, बबलू दीक्षित, अजय निगम, संजय वर्मा जेल में हैं।
कई और बनाए गए हैं आरोपी
10 करोड के फाइनेंस घोटाले में स्टेट बैंक आॅफ बीकानेर एंड जयपुर के एसएल उमरिया, भंवर सिंह, नरेश कुमार, विजय शाह वह एचएस माली को भी आरोपी बनाया गया है। इससे भी करोडों के फाइनेंस हुए थे। अधिकारियों ने कागज देखकर सत्यापन कर दिया, ग्राहकों का भौतिक सत्यापन नहीं किया गया। जबकि ग्राहक फर्जी थे, उन्होंने लोन लेने के बाद गाडी नहीं खरीदी, इसके बाद किश्त भी जमा नहीं की। इसकी जांच की गई तो मामला खुलता चला गया।
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