आगरालीक्स ….आगरा में राधाष्टमी पर भानू घर दुलारी आयी, जय हो राधा प्यारी की… जय हरिमन कामिनी श्रीराधे के वृषभान जी घर में जन्म लेते ही कथा स्थल श्रीराधे के जयकारों से गूंज उठा। नृत्य में झूमते मन में श्रद्धा और आंखों में अश्रुधार लिए श्रीहरि और राधा रानी के समर्पण में भक्तों के दोनों हाथ उठे थे। पुष्प वर्षा हुई। खेल खिलौने और टॉफियां लुटाईं गईं। ठाकुर की ठकुरानी आयी अलबेली सरकार की, रास रसाने आयी कृष्ण सरकार की, सुख बरसाने आयी, कीर्ति घर लाली आयी, जय हो राधा प्यारी की… कीर्तन से मानों कथा स्थल बरसाना धाम बन गया। श्रीहरि सत्संग समिति द्वारा आयोजित श्रीराधाष्टमी महोत्सव में आज दूसरे दिन व्यास पीठ पर विराजमान कथा वाचक कीर्ति किशोरी ने श्रीराधा की जन्म कथा का वाचन किया।

कीर्ति किशोरी ने श्रीराधाजन्मोत्सव की कथा में कहा कि श्रीराधा श्रीकृष्ण से साढे ग्यारह महीने बढ़ी थीं। धती पर खुद आने से पहले श्रीहरि ने अपनी शक्ति को पहले ही भेज दिया था। संसार एक कुंआ (भव सागर) है, जहां सभी जीव माया जाल में फंसे हुए हैं। इस भव सागर से सिर्फ भगवान की भक्ति ही तार सकती है। भगवान तो भाव के अधीन है। भक्त की भक्ति में दृढता हो तो भगवान हर वक्त साथ देते हैं।
कार्यक्रम में मुख्य रूप से जयमान प्रदीप गोयल, बबिता, राजकुमारी, अशोक अग्रवाल, आयोजन समिति के अध्यक्ष राधा बल्लभ अग्रवाल, महामंत्री भगवान दास बंसल, संयोजक संजय गोयल, संजय मित्तल, उमेश कंसल, रमेशचंद मित्तल, महिला समिति की अध्यक्ष अंशु अग्रवाल, सोनिया गर्ग, उर्मिल बंसल, दर्शिका मित्तल, निहारिका अग्रवाल, सीमा बंसल, रश्मि सिंघल, मीनू त्यागी, सीमा अग्रवाल आदि उपस्थित थीं। संचालन रुचि अग्रवाल ने किया। 5 सितम्बर को कथा का समापन होगा।