आगरालीक्स… आगरा के मानसिक स्वास्थ्य संस्थान एवं चिकित्सालय का बुरा हाल, चार महीने से डॉक्टर और कर्मचारियों को नहीं मिली सैलरी, कर्मचारी ने सुसाइड करने की कोशिश की, भर्ती।
मानसिक स्वास्थ्य संस्थान एवं चिकित्सालय का 20 करोड़ का बजट मिलना था, शासन से जुलाई में पहली किश्त 3.27 करोड़ की किश्त जारी हुई। आगे बजट न मिलने से डॉक्टरों को पांच महीने और कर्मचारियों को चार महीने से वेतन नहीं मिल पाया है।

संस्थान के आवास में कर्मचारी ने की सुसाइड की कोशिश
मानसिक स्वास्थ्य संस्थान एवं चिकित्सालय स्थित आवास में रह रहे संविदा पर अटेंडेंट के पद पर कार्यरत जितेंद्र सिंह चौहान रात की डयूटी कर सुबह सात बजे घर पहुंचे। कमरे में पंखे से फांसी का फंदा लगाकर लटक गए,स्वजनों ने कर्मचारियों की मदद से उन्हें फांसी के फंदे से उतारा। दिल्ली गेट स्थित अस्पताल में वेंटीलेटर पर है, जितेंद्र के पिता महेंद्र पाल सिंह का कहना है कि चार महीने से वेतन नहीं मिला था। आर्थिक तंगी से परिवार में झगड़े हो रहे थे वे खुद भी संस्थान में कर्मचारी हैं और चार महीने से तनख्वाह नहीं मिली है। सस्थान के निदेशक डॉ. ज्ञानेंद्र कुमार का कहना है कि बजट न मिलने से सैलरी नहीं दी जा सकी है।