आगरालीक्स … ताजमहल के 500 मीटर परिधि में दुकानों को हटाने के आदेश पर सुप्रीम कोर्ट ने राहत दी है, साथ ही नीरी से 500 मीटर परिधि में पर्यावरण प्रभाव पर रिपोर्ट भी मांगी है। पूरा मामला जानें।

यह था मामला
26 सितंबर को ताजमहल पश्चिमी गेट मार्केट एसोसिएशन की जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए व्यावसायिक गतिविधि पर रोक लगाने के आदेश दिए गए थे। इसके बाद 17 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट के अनुपालन में एडीए ने ताजमहल के 500 मीटर के दायरे के कारोबारियों को नोटिस जारी किए गए। 21 अक्टूबर को एडीए ने विधिक राय लेने के बाद 17 जनवरी तक सुप्रीम कोर्ट में पैरवी करने का समय दिया था और नोटिसों पर अमल नहीं किया।
सुप्रीम कोर्ट ने यह कहा
ताजगंज वेलफेयर फाउंडेशन की याचिका पर सुनवाई के दौरान पीठ ने पाया कि 1998 से 1999 में ताजमहल के 500 मीटर के दायरे में पर्यावण पर असर का आकलन करने के लिए नीरी से कहा गया था लेकिन नीरी ने अभी तक आकलन नहीं किया यह दुखद है। सुनवाई के दौरान ताजगंज के दुकानदारों की ओर से पेश वरिष्ठ वकील मुकुल रोहतगी ने एडीए द्वारा भेजे गए करीब दो हजार नोटिसों पर आपत्ति जताते हुए इसे गलत करार दिया। उन्होंने कहा कि 71 फेरीवालों की याचिका पर दिए गए फैसले को प्राधिकरण ने गलत तरीके से लेते हुए उनके मुवक्किलों को नोटिस जारी किए हैं। ताजगंज में 400 सालों से दुकानें हैं, कोर्ट ने आदेश दिया है कि आगरा विकास प्राधिकरण को सभी नोटिस वापस लेने होंगे और कोई कार्रवाई नहीं होगी।