अलीगढलीक्स (चमन शर्मा)… डेंगू से अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के बीटेक के छात्र की मौत हो गई, 17 छात्रों को डेंगू है। इस मामले में पांच डॉक्टरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। एएमयू प्रशासन ने एक जूनियर डॉक्टर और एक नर्स को सस्पेंड कर दिया है।
एएमयू के जेडएच कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी के का गाजीपुर निवासी बीटेक (मेकेनिकल इंजीनियरिंग) फाइनल ईयर का छात्र शाबिर हुसैन एएमयू के नदीम तरीन हॉल में रहता था। शनिवार को डेंगू की शिकायत पर उसे वार्ड नंबर 11 में भर्ती कर लिया गया। रविवार सुबह उसकी मौत के बाद कैंपस का माहौल गरमा गया। सैकड़ाें की संख्या में छात्र मेडिकल कॉलेज पहुंच गए। छात्र ड्यूटी पर मौजूद चिकित्सक एवं कर्मचारी पर लापरवाही का आरोप लगा रहे थे। उनका कहना था कि अपने दोस्त के साथ शाबिर स्वयं इलाज के लिए पहुंचा था। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार मामले में सिविल लाइंस थाने में जेएन मेडिकल कालेज के पांच डाक्टरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।
17 छात्रों को डेंगू
एएमयू के सर सुलेमान हॉल में रहने वाले बीटेक सिविल इंजीनियरिंग के तृतीय वर्ष के छात्र सूफियान, बीटेक द्वितीय वर्ष के फरहान, बीटेक प्रथम वर्ष के मो. उस्मान, फिरदौसनगर में रहने वाले एमबीए उत्तीर्ण छात्र खालिद सिद्दीकी, एमटेक द्वितीय वर्ष के प्रवीण कुमार, बीएम हॉल के बीएससी छात्र शाहरुख, एसजेड हॉल के बीएससी छात्र असद अजहर, एसएस साउथ हॉल के छात्र मो. आलम समेत करीब 16-17 छात्र जेएन मेडिकल कॉलेज के वार्ड नंबर 11 में भर्ती हैं।
वार्ड में भर्ती छात्र चिकित्सक एवं कर्मचारियों के व्यवहार से संतुष्ट नहीं हैं। कुछ छात्रों ने कहा कि साबिर को बेहतर उपचार मिलता तो बच जाता। छात्रों की यह भी शिकायत है कि एएमयू के हॉलों में साफ-सफाई का अभाव है और दवा का छिड़काव नहीं हो रहा है। इसकी वजह से छात्र डेंगू एवं मलेरिया की चपेट में आ रहे हैं।
छात्र की मौत की घटना के बाद एएमयू एवं जेएन मेडिकल प्रशासन ने भर्ती छात्रों की बेहतर तरीके से देख रेख का निर्देश दिया है।
उनके लिए अलग से व्यवस्था करने के भी निर्देश दिए गए हैं। एएमयू के हॉलों में दवा का छिड़काव भी शुरू कर दिया गया है।
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