आगरालीक्स ….आगरा के एक्टिविस्ट डीके जोशी का निधन हो गया है, उनका दिल्ली में इलाज चल रहा था, सुप्रीम कोर्ट मॉनिटरिंग कमेटी के सदस्य डीके जोशी का अंतिम संस्कार मंगलवार को दोपहर एक बजे ताजगंज श्मशान घाट पर होगा।
आगरा के शाहगंज क्षेत्र के रहने वाले कारोबारी, आरटीआई एक्टिविस्ट और पर्यावरणविद डीके जोशी शहर में तालाबों पर बनी बिल्डिंग और यमुना के डूब क्षेत्र में हुए निर्माण के खिलाफ कानूनी लडाई लड रहे थे। आरटीआई के माध्यम से सूचनाएं लेने के बाद उन्होंने कोर्ट में याचिका दायर की थी। इन मामलों में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने भी सख्ती करते हुए यमुना के डूब क्षेत्र में हुए निर्माण की जांच के लिए लोकल कमिश्नर नियुक्त किया था और वह दो बार आगरा में आगर जांच कर चुके थे। लोकल कमिश्नर की रिपोर्ट के आधार पर यमुना के डूब क्षेत्र में हुए निर्माण मामलों में बिल्डिंगों को ध्वस्त किया जाना था। इसके साथ ही यमुना में गिर रहे नाले और सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट के सही से काम न करने का मामला भी उन्होंने उठाया था।
नगर निगम के सफाई कर्मचारियों की आवाज उठाकर बने एक्टिविस्ट
एक्टिविस्ट डीके जोशी ने नगर निगम के सफाई कर्मचारियों की आवाज उठाई थी, एक समय में वे सफाई कर्मचारियों के बडे नेता थे, उनके एक इशारे पर बडे आंदोलन शुरू हो जाते थे। इसके बाद उन्होंने आरटीआई एक्टिविस्ट के रूप में काम किया, नगर निगम, एडीए सहित अन्य विभागों से आरटीआई से सूचनाएं एकत्रित की। इसके बाद कोर्ट में याचिका दायर की। उनकी याचिकाओं पर सुनवाई होने के बाद शहर के अधिकारियों और बिल्डर फंसने लगे थे। इससे उनमें खलबली मची हुई थी।
अधिकारियों के छूट जाते थे पसीने
सुप्रीम कोर्ट मॉनीटरिंग कमेटी के सदस्य के तौर पर वे कमिश्नर की बैठक में शामिल होते थे। उनके सवाल तथ्यों के आधार पर होते थे, वे अधिकारियों को भरी मीटिंग में कटघरे में खडा कर देते थे।
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