आगरालीक्स…. आगरा की बैंकों में कैश खत्म हो गया है, आज कैश नहीं मिल सकेगा, बैंकों में कैश जमा किया जा सकता है।
गुरुवार को यूनियन बैंक, सिंडीकेट बैंक, बैंक आफ इंडिया, यूको बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, एचडीएफसी समेत दर्जन भर बैंकों का कैश खत्म हो गया। सुबह 11 बजे से ही नोटिस चस्पा कर दिए गए कि कैश खत्म हो गया।
आज नहीं मिल सकेगा कैश
रिजर्व बैंक से बैंक चेस्ट में नए नोटों की आपूर्ति न होने से शुक्रवार को कई बैंकों में कैश की किल्लत रहेगी, जिसके कारण नोट बदलने का काम बंद रह सकता है। बैंक अब 500-एक हजार रुपये के नोटों को एकाउंट में जमा करने पर जोर दे रहे हैं।
आठ दिनों से बैंक 50 और 100 रुपये के नोटों को एक्सचेंज के बदले दे रही थी, अब सौ रुपये के नोट लगभग सभी बैंक चेस्ट में खत्म होने की कगार पर हैं। बैंकों में दो हजार रुपये का नोट का बड़ा स्टॉक है, लेकिन यह बाजार में चलन में आ नहीं पा रहा। सौ के नोट के बाद सीधे दो हजार रुपये का नोट होने से फुटकर की समस्या और ज्यादा होने लगी है।
हो रही समस्या
आगरा में खुले रुपये न होने पर बच्ची को इलाज नहीं मिल सका, उसकी मौत हो गई। इससे परिवार में कोहराम मचा हुआ है। प्राइवेट हॉस्पिटल में उसे भर्ती करने से इन्कार कर दिया, एसएन लेकर पहुंचे तो उसे दिल्ली रेफर कर दिया।
आंवलखेड़ा निवासी सोनू रावत की पत्नी रंजना रावत ने 15 दिन पहले एक बच्ची को जन्म दिया था। बच्ची का नाम लक्ष्मी रखा। जन्म से बच्ची के पीठ पर एक फोड़ा था। उससे बच्ची को संक्रमण हो रहा था। आठ तारीख को नोट बंद होने के आदेश के बाद प्राइवेट अस्पतालों ने उसका छोटे नोट न होने पर इलाज बंद कर दिया। वह बच्ची को घर ले आए। सोनू के अनुसार प्राइवेट हॉस्पीटल ने उसका इलाज करने से मना कर दिया। थक हार कर वह बच्ची को लेकर एसएन मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में पहुंचा। यहां दो दिन से बच्ची भर्ती थी, सोमवार को उसे दिल्ली रेफर कर दिया। सोनू की जेब में सिर्फ 500 और 1000 के नोट थे। एक भी छोटा नोट नहीं था। कोई भी एंबुलेंस चालक या अन्य वाहन वाले उसे दिल्ली ले जाने को तैयार नहीं थे।
बैंक में भी नहीं मिले रुपये
रविवार को बैंक खुलने पर सोनू और उसके परिवार के अन्य सदस्य बैंक में भी घंटों लाइन में लगे रहे, मगर वहां भी नंबर आने तक बैंक बंद हो गई। मजबूरी में रात को सोनू बच्ची को घर ले आया। गांव में मदद मांगी, मगर नहीं मिली। सुबह बेटी की मौत हो गई।
ऐसे में व्यापारी दो हजार रुपये के नोट को स्वीकार ही नहीं कर रहे। इससे सौ रुपये के नोटों की मांग बढ़ी और यह अब कई बैंक शाखाओं में खत्म भी हो चुके हैं। पंजाब नेशनल बैंक, यूनियन बैंक, इलाहाबाद बैंक, सिंडीकेट बैंक, बैंक आफ इंडिया, यस बैंक, एक्सिस बैंक में कैश खत्म हो जाने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। गुरुवार को भी एक्सचेंज में 4500 रुपये की जगह एक और दो हजार रुपये तक ही लोगों को थमाए। हालांकि दोपहर में रिजर्व बैंक ने भी एक्सचेंज लिमिट घटाकर दो हजार रुपये कर दी। आगरा में शुक्रवार और शनिवार को नोटों का एक्सचेंज लगभग ठप ही रहेगा। केवल नोट जमा करने और एकाउंट से निकालने की सुविधा ही मिल पाएगी। बैंकों ने नोट एक्सचेंज की जगह एटीएम में कैश लोड करने को प्राथमिकता दी है।
रिजर्व बैंक से समुचित मात्रा में कैश की मांग की गई है। शुक्रवार शाम तक कई बैंकों की कैश की समस्या खत्म हो जाएगी। एटीएम भी जल्द काम करने लगेंगे।
गौरव दयाल, डीएम, आगरा
महिलाओं का हंगामा
कटार वजीर खां स्थित पीएनबी पर महिलाओें ने हंगामा किया। उन्होंने आरोप लगाया कि एक महिला जबरन बिना लाइन के नोट बदलने के लिए बैंक में जाना चाहती थी। उसे रोका तो उसने हड़काना शुरू कर दिया। महिलाओं के हंगामा करने पर वह मानी। इस पर एक संस्था की शारदा, बबली, संगीता आदि ने थाना एत्माददौला पहुंच गई। उक्त महिला के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
रात तक बैंक में भीड़
बैंकों में आज से दो हजार के नोट ही बदलने की जानकारी पर गुरुवार शाम को बड़ी संख्या में लोग बैंकों में आ गए। एसबीआई, इलाहाबाद बैंक, केनरा बैंक में देर रात तक लोगों की भीड़ लगी रही।
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