आगरालीक्स… आगरा में कोहरे की पहली सुबह ने सर्दी का अहसास दिया, ओस की बूंद टपकती रही, विजिबलटी कम थी, स्कूल जाने के लिए बच्चे सुबह स्वेटर और कैप लगाकर परिजनों के साथ बस का इंतजार करते थे। वहीं, सुबह टहलने वालों के कदम भी थम गए। मौसम के बदले मिजाज से न्यूनतम तापमान आठ डिग्री तक पहुंच गया है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि इस सप्ताह कोहरा रहेगा।
क्या होता है कोहरा
तकनीकी रूप से बूंदों के रूप में संघनित जलवाष्प के बादल को कोहरा कहा जाता है। यह वायुमंडल में जमीन की सतह के थोड़ा ऊपर ही फैला रहता है। किसी घने कोहरे में दृश्यता एक किमी से भी कम हो जाती है। इससे अधिक दूरी पर स्थिति चीजें धुंधली दिखाई पड़ने लगती हैं।
ऐसे बनता है कोहरा
आर्द्रता शत प्रतिशत होने पर हवा में जलवाष्प की मात्रा स्थिर हो जाती है। इससे अतिरिक्त जलवाष्प के शामिल होने से या तापमान के कम होने से संघनन शुरू हो जाता है। जलवाष्प से संघनित छोटी पानी की बूंदे वायुमंडल में कोहरे के रूप में फैल जाती हैं।
कोहरा और कुहासा में अंतर
कुहासे की तुलना में कोहरे में जल की सूक्ष्म बूंदें अधिक होती हैं। कोहरे में दृश्यता सीमा 1,000 मीटर से कम रह जाती है। यह सीमा हवाई यातायात व्यवस्था के लिए उचित है लेकिन आम जनता और वाहनों के लिए दृश्यता की 200 मीटर अधिकतम सीमा अधिक महत्वपूर्ण है। दृश्यता के 50 मीटर के कम हो जाने पर यातायात संबंधी अनेक अवरोध उत्पन्न होते हैं।
पिछले साल 30 नवंबर को छाया था कोहरा
एक साल पहले 30 नवंबर 2015 को भी पहला कोहरा छाया था। उस समय आगरा में सर्दी और धुंध ने यात्रियों को परेशानी में डाल दिया है। शताब्दी सहित दर्जनों ट्रेनों देरी से चल रही है, रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों की भीड लगी हुई है। वहीं, सर्दी में तापमान पांच डिग्री नीचे चला गया है। आने वाले दिनों में सर्दी बढने के साथ बूंदाबांदी होने की संभावना है।
रविवार को दिल्ली से आने वाली ट्रेनों में शताब्दी एक्सप्रेस आधा घंटे, पंजाब मेल सवा तीन घंटे, छत्तीसगढ़ दो घंटे, तूफान मेल साढ़े तीन घंटे, ताज एक्सप्रेस करीब सवा घंटे और झेलम एक्सप्रेस 45 मिनट देरी से आईं। दिल्ली की ओर जाने वाली ट्रेनों में मालवा एक्सप्रेस 45 मिनट, जीटी एक्सप्रेस एक घंटे, संपर्क क्रांति एक्सप्रेस दो घंटे, तेलंगाना एक्सप्रेस सवा घंटे, गोवा एक्सप्रेस करीब एक घंटे की देरी से आईं।
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