आगरालीक्स…आगरा में 1.9 करोड़ में बना है ताज हेरीटेज कॉरिडोर. लेकिन यहां नहीं हो सकते कोई भी सांस्कृतिक कार्यक्रम…जानिए इसका कारण और इसकी जरूरत
यमुना के किनारे स्थित ताज हेरिटेज कोरिडोर स्थल जो 20 हैक्टेयर भूमि में है, ऐसा अदभुत स्थल है जहां से दो विश्वदाय स्मारक ताजमहल व आगरा किला एक साथ दिखते हैं, लेकिन जिसमें से केवल 6 हैक्टेयर भूमि पर ही भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) द्वारा उद्यान विकसित किया जा सका है और जिस पर वर्ष 2017-18 से लेकर 2021-22 तक एक करोड़ नब्बे लाख रूपये खर्च एएसआई द्वारा किये जा चुके हैं किन्तु यह स्थल सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए चिन्हित स्थानों की सूची में सम्मिलित नहीं है और यहां कोई सांस्कृतिक कार्यक्रमों की अनुमति एएसआई द्वारा नहीं दी जाती है। इस स्थल के सम्पूर्ण क्षेत्रफल 20 हैक्टेयर को यथाशीघ्र विकसित किया जाये और सांस्कृतिक कार्यक्रम के आयोजन के लिए चिन्हित स्थानों की सूची में भी इसे सम्मिलित भी किया जाये। यह मांग आगरा डवलपमेन्ट फाउन्डेशन (एडीएफ) की ओर से उसके सचिव व वरिष्ठ अधिवक्ता केसी जैन केन्द्रीय राज्य संस्कृति व पर्यटन मंत्री जी किशन रेड्डी से की है।

फतेहपुर सीकरी से सांसद राजकुमार चाहर द्वारा संस्कृति मंत्री भारत सरकार से ताज हेरीटेज कोरिाडोर के सम्बन्ध में उठाये गये प्रश्न का उत्तर लोक सभा में दिनांक 27.03.2023 को दिया गया जिसमें मंत्री किशन रेड्डी द्वारा उत्तर देते हुए बताया गया कि ताज हेरीटेज कोरिडोर के स्थल-क में आने वाली 20 हेक्टेयर भूमि उद्यान के विकास के लिए भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण को दी गई है। इसके प्रथम चरण में 10 हैक्टेयर भूमि की पहचान की गई, जिसमें से लगभग 60 प्रतिशत क्षेत्र को पहले से ही योजनाबद्ध तरीके से उचित उद्यान के रूप में विकसित किया जा चुका है और इसे अच्छी स्थिति में बनाए रखा गया है। उन्होंने यह भी बताया कि उद्यान के नियमित रखरखाव के लिए नियमित कार्मिकों की जनशक्ति तैनात की गई है और उद्यान की सुरक्षा के लिए फेन्सिंग लगाई गई है। पिछले पांच वर्षों के दौरान उद्यान के नियमित रखरखाव और देखभाल के लिए वर्ष 2017-18 में 0.25 करोड़ रूपये, वर्ष 2018-19 में 0.41 करोड़ रूपये, वर्ष 2019-20 में 0.79 करोड़ रूपये, वर्ष 2020-21 में 0.17 करोड़ रूपये एवं 2021-22 में 0.28 करोड़ रूपये व्यय किये गये हैं।
मंत्री द्वारा यह भी बताया गया कि ताज हेरीटेज कोरिडोर को सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजन के लिए चिन्हित स्थानों की सूची में नहीं है। संरक्षित क्षेत्र में सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजन के लिए स्मारकों की सूची के साथ दिशा-निर्देश पहले से ही जारी किये गये हैं। एएसआई के आगरा मण्डल के जिन पांच मोनूमेन्ट व स्थलों पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों की अनुमति है जो रामबाग, अकबर का मकबरा (बाहर), दीवाने आम (आगरा का किला), कंकाली टीला मथुरा व बशाही गेट के बाहर खुला क्षेत्र (फतेहपुर सीकरी) हैं। एएसआई के अनेक अन्य सर्किल में स्थित स्मारकों में भी सांस्कृतिक कार्यक्रम किये जाने की अनुमति है।
लोक सभा में दिये गये उत्तर पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए अधिवक्ता जैन ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के द्वारा मार्च 2006 में ताज हेरीटेज कोरिडोर में हरियाली विकसित करने का आदेश दिया गया था जो 17 वर्ष व्यतीत होने के उपरान्त भी पूरा नहीं हो सका है। इस स्थल पर कोई निर्माण या स्मारक नहीं है, अतः इसका उपयोग सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए सुगमता से हो सकता है और यह स्थल आगरा के लिए एक नया आकर्षण होगा जो पर्यटकों के रात्रि प्रवास को बढ़ावा देगा। इसी स्थल से लगी हुयी प्रदेश के उद्यान विभाग के पास भी 20 हैक्टेयर अतिरिक्त भूमि है जिसे उनके द्वारा उद्यान के रूप में विकसित किया गया है। एएसआई व उद्यान विभाग दोनो की 40 हैक्टेयर भूमि आगरा में नियमित रूप से सांस्कृतिक कार्यक्रमों के प्रस्तुतीकरण के लिए अभूतपूर्व आधार बन सकती है।
एडीएफ के अध्यक्ष पूरन डावर ने भी मांग का समर्थन करते हुए कहा कि हमें पर्यटकों के रात्रि मनोरंजन के लिए स्थल तैयार करने होंगे जिसमें ताज हेरीटेज कोरिडोर पर नाटक, शास्त्रीय गायन, संगीत, भगत, कृष्ण लीला व अन्य आकर्षक कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित किये जा सकते हैं और उन्होंने आशा व्यक्त की कि केन्द्रीय मंत्री रेड्डी इसके लिए जल्द ही आदेश जारी करेंगे।