आगरालीक्स..महंगाई का एक और झटका। चीनी (शक्कर) के दाम लगातार बढ़ते जा रहे हैं। चीनी के दामों में तेजी का असर सीधे रसोई पर। जानें क्या है कारण।
मिठास में महंगाई ने घोली कड़वाहट

महंगाई समय-समय पर आम आदमी की जेब पर डाका डाल रही है। अब चीनी (शक्कर) में महंगाई ने कड़वाहट डाल दी है। पिछले कुछ दिनों से शक्कर के दाम लगातार बढ़ रहे हैं।
फुटकर में चीनी 42 रुपये किलो पर पहुंची
बाजार में इस महीने की शुरुआत से चीनी की कीमतों में तेजी का रुख शुरू हो गया था। बाजार में फुटकर में चीनी 38 से 40 रुपये किलो तक बिक रही थी लेकिन अब इसके दाम फुटकर में 42 रुपये किलो तक पहुंच गए हैं।
पहले 38 से 40 रुपये किलो था भाव
इस संबंध में यादव जनरल स्टोर देहली गेट के संचालक विक्रम यादव ने बताया कि पहले चीनी (शक्कर) थोक में 36-37 रुपये किलो पड़ने पर फुटकर में 38 से 40 रुपये किलो बेची जा रही थी लेकिन अब पिछले कुछ समय से थोक में ही चीनी 40 रुपये से 40 रुपये 50 पैसे प्रतिकिलो दुकानदार को पड़ रही है, जिसकी वजह से फुटकर में 42 रुपये बेची जा रही है। चीनी महंगी होने से दुकानदारों का मुनाफा घट गया है।
दाम और बढ़ने की भी है आशंका
दूसरी ओर बाजार विशेषज्ञों ने आशंका जताई है कि आने वाले महीनों में दाम और बढ़ सकते हैं।
क्यों महंगी हो रही शक्कर
घरेलू बाजार में चीनी की सीमित उपलब्धता कारण है कि पिछले तीन सप्ताह से इसके दाम बढ़ रहे हैं।सूत्रों के मुताबिक अखिल भारतीय चीनी
व्यापार संघ ने चीनी का उत्पादन घटाया
व्यापार संघ ने फसल वर्ष 2022-23 (अक्टूबर-सितंबर) के लिए अपने चीनी उत्पादन अनुमान को 34.5 मिलियन टन से घटाकर 33.5 मिलियन टन कर दिया है।
महाराष्ट्र की बेमौसम बारिश भी जिम्मेदार
सूत्रों ने 38.6 मिलियन टन के प्रारंभिक अनुमान से 2-3 लाख टन की संभावित कमी के लिए महाराष्ट्र में हुई बेमौसम बारिश को जिम्मेदार ठहराया है।
इथेनॉल की कीमतें बढ़ने से भी पड़ा असर
एक अन्य कारण इथेनॉल का उत्पादन करने में चीनी का उपयोग शामिल है।
बता दें, भारत सरकार द्वारा चीनी फसलों को जैव ईंधन सम्मिश्रण के लिए आवंटित किया गया था, क्योंकि ओपेक+ द्वारा उत्पादन में कटौती की घोषणा के बाद इथेनॉल की कीमतें बढ़ गई थीं।
261 मिलो में गन्ने की पेराई बंद हुई
सहकारी चीनी कारखानों के राष्ट्रीय संघ के अनुसार, महाराष्ट्र में 190 मिलों और कर्नाटक में 71 मिलों ने गन्ने की पेराई बंद कर दी है। दोनों राज्यों की मिलों ने 31 मार्च 2023 तक क्रमशः लगभग 104 मिलियन टन और लगभग 53 मिलियन टन गन्ने की पेराई की थी।