आगरालीक्स…भाई-बहन के असीम स्नेह के पर्व रक्षाबंधन पर पूरे दिन रहेगा भद्रा का साया। दो दिन मनाया जाएगा त्योहार, जाने कब किस समय रहेगा शुभ समय।
30 अगस्त को रात में राखी बांधी जा सकेंगी

श्री गुरु ज्योतिष शोध संस्थान गुरु रत्न भंडार वाले ज्योतिषाचार्य पं.हृदय रंजन शर्मा के मुताबिक रक्षाबंधन के दिन भद्रा का साया होने के कारण यह पर्व 30 अगस्त को रात नौ बजे के बाद ही मनाया जा सकेगा। दिनभर बहनें अपने भाई की कलाई पर राखी नहीं बांध सकेंगी।
पूर्णिमा की उदया तिथि वालों के लिए दो दिन पर्व
इसी प्रकार पूर्णिमा की उदया तिथि को जो लोग मानते हैं, उनके लिए दो दिन यह पर्व मनाया जा सकेगा। 30 अगस्त की रात 9 बजे बाद और 31 अगस्त सुबह 07:05 तक राखी बंधवाई जा सकती हैं।
रक्षाबंधन पर भद्रा सुबह 10 बजे से रात्रि 9.07 बजे तक
उन्होंने बताया कि पंचांग अनुसार रक्षाबंधन के पर्वकाल पर सुबह 10 बजे से भद्रा का आरंभ होगा, जो रात्रि में 9.07 बजे तक रहेगा। दिनभर भद्रा का साया रहने के कारण रक्षाबंधन का पर्व नहीं मनाया जा सकता।
रक्षाबंधन पर्व के लिए पूर्णिमा तिथि का साक्षी होना जरूरी
ऐसी मान्यता है कि रक्षाबंधन के पर्व काल में पूर्णिमा तिथि की साक्षी होना आवश्यक है। यदि ऐसी स्थिति में भद्रा का योग बनता हो, तो भद्रा का वह काल छोड़ देना चाहिए। भद्रा समाप्त होने के बाद ही रक्षाबंधन का त्योहार मनाना चाहिए।