बेंगलुरुलीक्स..चंद्रमा पर गया अपना प्रज्ञान 10 दिन की कड़ी मेहनत के बाद अब सो गया है। वहां अब कड़ाके की सर्दी। वह 22 सितंबर को सूर्योदय होने पर जागेगा। जानें अगर ऐसा नहीं हुआ तो…
इसरो ने प्रज्ञान रोवर को स्लीप मोड में डाला

इसरो ने चंद्रमा पर गए प्रज्ञान रोवर को स्लीप मोड में डाल दिया है। अब पृथ्वी पर डेटा मिलना बंद हो गया है। प्रज्ञान को 14 दिन बार जब दोबारा जब एक्टिव किया जाएगा, तो यह पहले की तरह काम करना शुरू कर देगा। यदि ऐसा होता है तो इसरो के पास चंद्रमा पर अध्ययन करने के लिए 14 दिन का समय मिल जाएगा।
रात में तापमान -200 डिग्री से भी रहता है ज्यादा
चंद्रमा पर रात होने पर तापमान -200 डिग्री सेल्सियस पर चल जाता है। ऐसे में प्रज्ञान को कड़े संघर्ष का मुकाबला करना होगा।
22 सितंबर को जगाया जाएगा प्रज्ञान को
इसके साथ ही अब सभी नजर 22 सितंबर पर टिक गई है। इस दिन सूर्योदय के साथ इसरो रोवर को एक्टिव करेगा।
नहीं जागेगा तो रहेगा भारत का एंबेस्डर
इसरो ने अपने एक्ट हैंडल पर यह जानकारी दी। प्रज्ञान रोवर सफलतापूर्वक एक्टिव नहीं हुआ, तो यह हमेशा के लिए चंद्रमा पर रहेगा और भारत का एंबेस्डर होगा।