आगरालीक्स… समलैंगिक विवाह के विरोध में आगरा के डॉक्टर ने भी याचिका दायर की थी, इन शादियों के बाद सेक्स संबंध बनने से बढ़ेंगे वायरल डिजीज, कौन मां और कौन पिता बनेगा।
सुप्रीम कोर्ट ने विशेष विवाह अधिनियम के तहत समलैंगिक विवाहों को कानूनी मान्यता देने से इन्कार कर दिया। एकमत फैसले में कहा, ऐसे गठजोड़ के लिए कानून बनाना और मान्यता देना सिर्फ संसद और विधानसभाओं का अधिकार है। साथ ही कोर्ट ने 3—2 के बहुमत से फैसले में कहा , ऐसे जोड़ों को बच्चा गोद लेने का भी अधिकार नहीं है। हालांकि, अदालत ने हिंसा, जबरदस्ती या हस्तक्षेप के किसी भी खतरे के बिना संबंध बनाने के उनके अधिकार को बरकरार रखा है।
आगरा के डॉ. शरद गुप्ता ने भी विरोध में दायर की थी याचिका
समलैंगिक विवाह के विरोध में याचिका दायर करने वालों में आगरा के डॉ. शरद गुप्ता भी शामिल थे। उन्होंने कहा था कि समलैंगिक विवाह से साइको सोशल समस्याएं और व्यवहार की समस्याएं बढ़ेंगी, इस तरह की शादी में जो महिला की तरह से रहेगा उसके व्यवहार में परिवर्तन आएंगे।
साथ ही यह भी कहा था कि समलैंगिक विवाद होने पर सेक्स संबंध बनने की स्थिति में एचआईवी, हेपेटाइटिस सी सहित अन्य बीमारियां बढ़ने का खतरा रहेगा। ये बच्चा गोद लेते हैं तो कौन मां बनेगा और कौन पिता इसे लेकर भी कानूनी अड़चन आएंगी।