आगरालीक्स…आगरा में निकली खाटू श्याम की रथयात्रा. भक्तें ने खींचा रथ. जयकारों से गूंजा मार्ग. पहली बार सूरजगढ़ के निशान को रथयात्रा में किया शामिल, दर्शन को उमड़े श्रद्धालु
रस्सी से रथ को अपने हाथो से खींचते श्याम प्रेमी। सूरजगढ़ के निशान के नीचे आ कर अपने को धन्य मानते श्रद्धालु। खाटू श्याम की पोशाक को निहारते भक्त। हाथों में बड़े-बड़े निशान-जुबां पर जय श्री श्याम के साथ हारे का सहारा बाबा श्याम हमारा के गूंजते जयघोष के बीच आगरा नगरी खाटू वाले श्याम के रंग में रंग गई। कुछ ऐसा ही अलौकिक दृश्य रहा श्री श्याम लाडला परिवार सेवा समिति की ओर से रावतपाड़ा से निकाली गई पोशाक अर्पण और रथयात्रा का। 5वें स्थापना दिवस पर 13 दिसम्बर को हरीपर्वत स्थित एमडी जैन ग्राउंड श्री श्याम संकीर्तन महोत्सव के लिए रथ यात्रा व निशान यात्रा निकाल सभी श्यामप्रेमियो को निमंत्रण दिया। खाटू श्याम के डोले का जगह-जगह फूल वर्षा कर स्वागत किया गया। हर भक्त सूरजगढ़ के निशान के नीचे आने के लिए लालायित दिखा। यात्रा का समापन रावतपाड़ा, जौहरी बाजार, दरेसी, कचहरी घाट, पथवारी, बेलनगंज होते हुए जीवनी मंडी स्थित खाटू श्याम मंदिर पर आकर हुआ। मंदिर पहुंच कर शंखनाद पर अलौकिक रूप में सजे खाटू श्याम जी की आरती की गई और सूरजगढ़ के निशान को मंदिर पर अर्पण किया गया।
सूरजगढ़ का निशान रहा मुख्य आकर्षण
पहली बार निशान यात्रा में सूरजगढ़ से आये श्रद्धालुओं के निशान को यात्रा में शामिल किया गया। सूरजगढ़ के निशान की मान्यता है कि जो भी इसके नीचे आता है उसका सोया हुआ भाग्य जग जाता है। यात्रा में सर्वप्रथम विघ्नहर्ता गणेश जी, सालासर बालाजी, कैला देवी, बांके बिहारी और राधा कृष्ण की झांकियां निकाली गयी। अंत में श्याम बाबा के रथ को श्रद्धालु अपने रस्सी से खींचते रहे।
श्याम नाम की मेहंदी आज
विजय नगर स्थित नवरंग भवन में मंगलवार को श्री श्याम संकीर्तन से पूर्व श्याम नाम की मेहंदी महिलाये अपने हाथो पर रचाएंगी। 13 दिसम्बर को संकीर्तन में कन्हैया मित्तल के साथ राजा सवारिया, दीक्षा शर्मा, अनूप गोयल और शुभम गोयल अपने भजनों से बाबा को रिझायेंगे। इस अवसर पर अध्यक्ष नीरज गुप्ता, उपाध्यक्ष विष्णु खंडेलवाल, कोषाध्यक्ष प्रांशु अग्रवाल, विनय अग्रवाल, अजय गोला, शुभम गोयल, हितेश गोला, सौनेंद्र चौहान, जितेंद्र दक्ष राजीव अग्रवाल, राकेश राजपूत, अजय सिंघल, संतोष गुप्ता, मनीष बंसल, दीपक अग्रवाल, ऋषभ बंसल, कुशाग्र बंसल, शुभम गर्ग, अंकित गर्ग, निर्मल गोयल आदि मौजूद रहे।