आगरालीक्स…. आगरा में लिंग परीक्षण करते रंगे हाथ पकडी गई डॉक्टर सहित चारों आरोपियों को 18 अप्रैल तक जेल भेज दिया है, इसके साथ ही डॉक्टर का अल्ट्रासाउंड का रजिस्ट्रेशन भी निरस्त कर दिया गया है।
बुधवार को पीसीपीएनडीटी सेल ने स्टिंग कर विद्या नर्सिग होम, यमुना पार की संचालिका डॉ. विद्या गुप्ता, नर्स मनोरमा, दलाल राम किशोर यादव और प्रभुदयाल को गिरफ्तार किया था। गुरुवार को इन चारों को पीसीपीएनडीटी सेल, भरतपुर में पेश किया गया। उन्हें 18 अप्रैल तक जेल भेज दिया गया है।
सीएमओ डॉ. बीएस यादव के निर्देश पर विद्या नर्सिग होम का अल्ट्रासाउंड का पंजीकरण सस्पेंड कर दिया गया है।
ऐसे पकडा मामला
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के मिशन निदेशक एवं राज्य पीसीपीएनडीटी सेल के समुचित प्राधिकारी नवीन जैन ने बताया कि धौलपुर जिला मुख्यालय के चंबलपुरी इलाके दलाल प्रभु दयाल ने लिंग परीक्षण और गर्भपात कराने के लिए 60 हजार रुपये में सौदेबाजी की। बुधवार सुबह 30 हजार रुपये लेकर डमी गर्भवती महिला के साथ सादा ड्रेस में टीम के सदस्य दलाल प्रभुदयाल के साथ विद्या नर्सिंग होम, आगरा पहुंचे। यहां उन्हें दलाल राम किशोर यादव निवासी कालिंदी विहार मिला, उसने नर्स मनोरमा के माध्यम से विद्या नर्सिंग होम की संचालिका डॉ विद्या गुप्ता से मुलाकात कराई।
दबोच ली डॉक्टर और नर्स
डॉ विद्या गुप्ता ने अल्ट्रासाउंड किया, इसी दौरान इशारा मिलते ही टीम ने डॉ विद्या गुप्ता, नर्स मनोरमा, दलाल राम किशोर और प्रभु दलाल को पकड लिया। टीम ने 30 हजार रुपये और अल्ट्रासाउंड मशीन भी जब्त की है। लिंग जांच के आरोप में चारों आरोपियों को गुरुवार को न्यायालय में पेश किया जाएगा। नवीन जैन ने बताया कि इस कार्रवाई में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रघुवीरसिंह के नेतृत्व में टीम गठित की गई थी। जिसमें सीआई सीताराम बैरवा, डालचंद, देवेंद्र, राजेंद्र, पीसीपीएनडीटी जिला समन्वयक धौलपुर के पंकज शुक्ला, भरतपुर के प्रवीण चौधरी, अलवर के मोहम्मद शफीक, दौसा के मुनेंद्र, जयपुर की मनीषा व बबिता टीम में शामिल थी।
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