आगरालीक्स….. आगरा में ताजमहल के पीछे जिस जगह बगीचा बना है वह जमीन ठाकुर रंगजी महाराज विराजमान, वृन्दावन की है। सुप्रीम कोर्ट ने दिए आदेश, एएसआई को देना होगा मंदिर प्रशासन को मुआवजा।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, ताजमहल के पीछे 25 साल पहले एएसआई ने सौंदर्यीकरण कराना, इस पर सीआईएसएफ ने तारों की फेंसिंग करने के बाद पोस्ट तैनात कर दी। साल 2011 में ठाकुर रंगजी महाराज विराजमान, वृन्दावन ने सुप्रीम कोर्ट में वाद दायर किया, कहा कि जिस जमीन पर ताजमहल के पीछे बगीचा बनाया गया है वह 0.7 हेक्टेयर जमीन है। इस जमीन का मुआवजा मांगा गया लेकिन नहीं दिया।
11 साल बाद आया फैसला
मंदिर प्रशासन ने 25 नवंबर 2013 को सुप्रीम कोर्ट में वाद दायर किया था, इसमें एएसआई, आगरा सर्किल के अधीक्षण पुरातत्वविद और केंद्र सरकार को प्रतिवादी बनाया था। 10 जनवरी को जारी आदेश में सुप्रीम कोर्ट ने वादी को दो सप्ताह में अपने दावे को स्थापित करने के साक्ष्यों के आधार पर वर्तमान सर्किल दर के अनुसार, मुआवजा प्राप्त करने का शपथ पत्र दाखिल करने को कहा है। कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि यदि सुनवाई की अगली तिथि छह मार्च तक वादी और प्रतिवादी किसी निर्णय पर नहीं पहुंचते हैं तो भूमि अधिग्रहण अधिनियम 2013 के अनुसार, मुआवजा अदा करने के आदेश पारित किए जाएंगे।
7800 रुपये है सर्किल रेट
ताजमहल के पीछे यमुना किनारे सर्किल रेट निर्धारित नहीं है, आबादी क्षेत्र का सर्किल रेट लागू होता है, यह 7800 रुपये वर्ग मीटर है। कोर्ट ने आदेश में यह भी कहा है कि दोनों पक्ष बातचीत कर मुआवजे के मामले को सुलझा सकते हैं।