आगरालीक्स..आगरा के डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय में छात्र भारतीय ज्ञान परंपरा की भी पढ़ाई करेंगे, बीए, बीएससी, बीकॉम के कोर्स में ग्रंथ, संतों के जीवन को भी शामिल किया गया है।
कुलपति प्रो. आशु रानी ने बैठक में कहा कि कहा कि भारतीय ज्ञान परम्परा को पाठ्यक्रम में समाहित किये जाने का उद्येश्य छात्रों को अपनी संस्कृति एवं उससे सम्बन्धित प्राचीन ग्रन्थों, कानूनी संहिताओं, संतो के जीवन इत्यादि को जानने के प्रति जागरुक करना है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अन्तर्गत भारतीय ज्ञान परम्परा (आईकेएस) से जुड़े कॉन्टेंट को पाठ्यक्रम में शामिल किया जाएगा। यह कॉन्टेंट सभी विषयों के पाठ्यक्रम में समाहित किया जाएगा।
भारतीय ज्ञान परंपरा से जुड़ी पढ़ाई सत्र 2024-25 से शुरू करा दी जाएगी। बैठक में तय किया गया कि पाठ्यक्रम को सभी विषयों की अध्ययन समितियों द्वारा यूनिट्स में इस प्रकार से समाहित किया जायेगा कि पाठ्क्रम में क्रेडिट्स पर कोई प्रभाव न पड़े। बैठक में प्रति कुलपति प्रो. अजय तनेजा, कुलसचिव डॉ. राजीव कुमार, संकायाध्यक्ष वाणिज्य डॉ. एसी गुप्ता, संकायाध्यक्ष विधि डॉ. दुर्गाचरन मिश्र, संकायाध्यक्ष गृह विज्ञान प्रो. अर्चना सिंह, संकायाध्यक्ष शिक्षा डॉ. स्नेहलता चतुर्वेदी, संकायाध्यक्ष कृषि डॉ. विपिन अग्रवाल, संकायाध्यक्ष ललित कला डॉ. अंजू शर्मा, संकायाध्यक्ष प्रबन्धन प्रो. यूएन शुक्ला, संकायाध्यक्ष जीवन विज्ञान प्रो. बीएस शर्मा, केएम इंस्टीट्यूट के निदेशक प्रो. प्रदीप श्रीधर, प्राचार्या बैकुण्ठी देवी कन्या महाविद्यालय प्रो. पूनम सिंह, प्रो. मनोज उपाध्याय मौजूद रहे