आगरालीक्स…आगरा में मोटेश्वर महादेव मंदिर के दर्शन करने गए हैं आप…जंगल में यमुना किनारे बना है शिव का यह रहस्यमयी मंदिर. इस मंदिर के बारे में पूरी जानकारी जानें और करने जाएं दर्शन…
आगरा शिव नगरी है. शिव का धाम है. यहां के चारों कोनों में भगवान शिव के प्राचीनतम मंदिर कैलाश महादेव, बल्केश्वर महादेव, राजेश्वर महादेव और पृथ्वीनाथ महादेव स्थापित हैं. बीच मध्य में रावली महादेव और श्री मनकामेश्वर महादेव विराजमान हैं. आगरा के ही बटेश्वर में शिव का तीर्थ है. जहां 101 शिव मंदिरों की श्रृंखला है. लेकिन आगरा में शिव का एक और प्राचीन मंदिर है ‘मोटेश्वर महादेव’. इस चमत्कारिक मंदिर के बारे में बहुत कम लोगों को जानकारी है लेकिन जिसे इसके बारे में जानकारी है, वो यहां दर्शन करने जरूर जाता है.
सावन का महीना शुरू होने वाला है. ऐसे में मोटेश्वर महादेव मंदिर के बारे में हम आपको बता रहे हैं. आगरा सिकंदरा से जब आप कैलाश मंदिर की तरफ जाएंगे तो कैलाश मंदिर से ठीक बायीं ओर जंगलों में एक रास्ता जाता है. यह रास्ता आपको सीधे मोटेश्वर महादेव मंदिर तक पहुंचा देगा. पगडंडियों, कच्चे रास्ते से गुजर कर जाना पड़ेगा. यमुना के तट पर ही यह मोटा महादेव मंदिर स्थित है.
कार्तिकेय ने की थी स्थापना
मोटेश्वर महादेव मंदिर के बारे में प्रचलित है कि भगवान शिव के बड़े पुत्र कार्तिकेय ने इस शिवलिंग की स्थापना की थी. जंगलों में यमुना किनारे यह शिवलिंग आज भी उसी रूप में विराजमान है. यहां चारों तरफ आपको अंदर से सुकून देने वाली शांति मिलेगी.
इस मंदिर से जुड़े हैं ये किस्से
मोटेश्वर महादेव मंदिर से जुड़ी कई रहस्यमयी कहानियां हैं. मान्यता है कि अगर कोई भक्त साफ मन से मोटेश्वर महादेव की पिंडी को अपनी दोनों बांहों में पूरी तरह से भर लेता है तो उसकी हर मनोकामना पूरी होती है.