आगरालीक्स….अपने बच्चों को बारिश के समय और बारिश के बाद होने वाली बीमारियों से बचाएं.. डॉक्टरों ने इन बीमारियों से बचाव और उपचार के तरीके बताए. आईएपी आगरा ने की गोष्ठी
आज IAP AGRA द्वारा मानसून के दौरान और मानसून के बाद होने वाली बीमारियों के उपचार के बारे एक गोष्ठी का आयोजन किया गया। IAP सचिव डॉ. योगेश दीक्षित ने बताया कि गोष्ठी में एम्स हैदराबाद से आए डॉ. मधुसूदन ने बताया कि मानसून के दौरान और मानसून के बाद मलेरिया, डेंगू, स्क्रब टायफस, टाइफाइड और leptospirosis ज्यादा होते हैं। इन बीमारियों के लक्षण लगभग एक जैसे ही होते हैं और इन्हें बिना जांचों के निदान करना थोड़ा मुश्किल होता है। फिर भी कुछ लक्षणों से इनका अनुमान लगाया जा सकता है, परंतु निश्चित निदान के लिए जांचों का कराना जरुरी है।

डॉ. मधुसूदन ने डेंगू के बारे में बताया कि डेंगू में शुरुआत में शरीर में दर्द के साथ तेज बुखार आता है परंतु डेंगू का मरीज सामान्य खांसी, जुकाम और दस्त के साथ भी आ सकता है। अतः सतर्कता की जरूरत है। सवाई मान सिंह मेडिकल कॉलेज से आए डॉ. रमेश चौधरी ने बताया कि मलेरिया,leptospirosis, टाइफाइड और स्क्रब टायफस और इनके बिगड़ने पर ब्लड प्रेशर कम हो जाता है और कई बार शरीर के सभी अंग कम करना बन्द कर देते हैं।
डॉ. राकेश भाटिया ने मस्तिष्क के बुखार और उनके जटिलताओं के बारे में बताया। डॉ. अरुण जैन ने त्वचा रोगों के बारे में बताया। डॉ. सोनिया भट्ट ने बताया कि यदि मरीज की बीमारी से लड़ने की ताकत कम होने पर बीमारियों के लक्षण बदल जाते हैं।
कार्यक्रम के अंत में आईएपी अध्यक्ष डॉ. अमरकांत गुप्ता ने धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यक्रम में डॉ. अनिल अग्रवाल, डॉ. आरएन शर्मा, डॉ. आर एन द्विवेदी, डॉ. स्वाति द्विवेदी, डॉ. ऋषि बंसल, डॉ. राजीव जैन, डॉ. सुनील अग्रवाल सहित 55 बालरोग विशेषज्ञों ने भाग लिया।