आगरालीक्स…अब आयुष चिकित्सक भी करेंगे लेप्रोस्कोपिक सर्जरी. आगरा के डॉ. सुनील शर्मा ने बताया कि क्या है लेप्रोस्कोपिक सर्जरी और मरीज के लिए कितनी है फायदेमंद
आयुर्वेद के चिकित्सक दूरबीन विधि (लेप्रोस्कोपिक) सर्जरी करेंगे। इसके लिए अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान (एआइआइए), दिल्ली में आयोजित सौश्रुतम 2024 शल्य संगोष्ठी में आगरा सर्जन्स एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष लेप्रोस्कोपिक सर्जन डॉ. सुनील शर्मा ने जटिल एपेंडेक्टोमी सहित लेप्रोस्कोपिक सर्जरी पर चर्चा की। अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान, दिल्ली में आयोजित तीन दिवसीय कार्यशाला में रविवार को आयुर्वेद के परास्नातक के जूनियर डॉक्टरों को लेप्रोस्कोपिक सर्जरी का प्रशिक्षण दिया गया। जिससे वे भी आने वाले समय में लेप्रोस्कोपिक सर्जरी कर सकेंगे। साथ ही जटिल सर्जरी पर चर्चा की गई।
आगरा सर्जन्स एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष लेप्रोस्कोपिक सर्जन डॉ. सुनील शर्मा ने जटिल एपेंडिक्स की सर्जरी पर व्याख्यान दिया। उन्होंने बताया कि जटिल एपेंडेक्टोमी करते समय सावाधानी बरतनी चाहिए। एपेंडेक्टोमी लेप्रोस्कोपिक सर्जरी के अच्छे रिजल्ट हैं। उन्होंने बताया कि लेप्रोस्कोपिक सर्जरी में रक्तस्राव नहीं होता है, मरीज को 24 घंटे के बाद ही डिस्चार्ज कर दिया जाता है. इससे उसका काम प्रभावित नहीं होता है। हास्पटिल में कम दिन रहता पड़ता है, इसलिए खर्चा भी कम आता है। विभाध्यक्ष डॉ योगेश बादवे व प्रो. व्यासदेवा मेहता ने कहा कि कई बीमारियों में एलोपैथी और आयुर्वेद का इलाज एक साथ किया जाए तो अच्छे रिजल्ट आते हैं। एलोपैथी के साथ भगन्दर के इलाज में आयुर्वेद के अच्छे रिजल्ट हैं।