आगरालीक्स…Agra News : आगरा में 250 करोड़ से सीवर लाइन डाली गई लेकिन फेल हो गई। ( Agra News : Rs 250 Crore Sewage line fail)
आगरा के नगर निगम सदन की आठवीं बैठक में मंगलवार को अमृत योजना के अंतरगत जल निगम द्वारा वेस्टन जोन में डाली गई सीवर लाइनों का मुद्दा छाया रहा। पार्षद रवि बिहारी माथुर और राकेश जैन द्वारा रखे गये प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान पार्षदों ने कहा कि इस योजना में जल निगम के अभियंताओं द्वारा भारी अनियमितता और धांधलेबाजी की गयी है। 313 किलोमीटर डाली गई सीवर लाइन पर 250 करोड़ की भारी भरकम राशि व्यय की गई उसके बावजूद सीवर व्यवस्था फेल हो गयी।
कार्यदायी संस्था मनीषा कंस्ट्रक्षन व इमेंस कंस्ट्रक्शन द्वारा अधिकारियों के साथ मिलकर योजना में भारी घपला किया गया है। जल निगम की शहरी इकाई के माध्यम से कराये गये इस कार्य की जांच करानी चाहिए तथा जो भी दोषी पाया जाए उसके खिलाफ एफआई आर दर्ज कराई जाए। इस योजना को नगर निगम हैंडओवर न करे।
आरोप लगाया कि सीवर लाइन के लिए जो पाइप डाले गये उनमें मानकों का ध्यान नहीं रखा गया है। जनता ये आरोप लगाती है कि ये कार्य नगर निगम का है जबकि नगर निगम का इससे कोई लेना देना नहीं हैै। इस योजना में जो कार्य अधूरा, खराब गुणवत्ता का कराया गया है उसकी रिकवरी कार्यदायी संस्था से कराई जानी चाहिए।
मृत्यु एवं जन्म प्रमाणपत्र में न हो देरी
मृत्यु एवं जन्म प्रमाणपत्र बनाने में हो रही देरी पर आक्रोश जताते हुए पार्षदों ने कहा कि सभी औपचारिकताएं जब नगर निगम पूरी कर रहा है तो इसको जारी करने का अधिकार एसडीएम को देना गलत है। इसके कारण जहां प्रमाणपत्र बनने में महीनों का समय जाया हो रहा है तो वहीं भ्रष्टाचार को भी बढ़ावा मिल रहा है। इस पर महापौर हेमलता दिवाकर कुशवाह ने कहा कि इस संबंध में पत्र लिखकर मुख्यमंत्री को अवगत कराया जाएगा। वहीं दूसरी ओर पार्षदों ने कर्मचारियों द्वारा लोगों के साथ अभद्र व्यवहार की शिकायत करते हुए कर्मचारियों के पटल परिवर्तन की मांग रखी। कहा कि अगर कार्य अधिक है तो अतिरिक्त कम्प्यूटर ऑपरेटरों को रख लिया जाए।