आगरालीक्स….आगरा के चांदी कारेाबारी अवधेश अग्रवाल की हत्या मथुरा के दो शूटरों ने की थी. पटना पुलिस का खुलासा लेकिन सस्पेंस छोड दिया बाकी. दोनों शूटरों के नाम आए सामने, ज्वैलर को छोड़ा लेकिन…..
आगरा के परिणय कुंज हरीपर्वत के रहने वाले सराफा कारोबारी अवधेश अग्रवाल की 28 अक्टूबर की रात को बाकरगंज में गोली मारकर हत्या कर दी थी। जांच में जुटी बिहार पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगाले, इसमें दो शूटर सीसीटीवी में कैद दिए। इसके साथ ही एक एक्सयूवी 500 भी देखी गई। यह एक्सयूवी मथुरा के गोविंदनगर के रहने वाले चांदी कारोबारी हरिबाबू के बेटे निखिल की थी। बिहार पुलिस ने मथुरा में दबिश दी और निखिल और ड्राइवर जितेंद्र को पकड़ लिया पूछताछ के लिए अपने साथ ले गए हैं।
आज पटना पुलिस ने इस घटना का खुलासा किया। चांदी कारोबारी अवधेश अग्रवाल की हत्या मथुरा के शूटरों ने की थी। पुलिस ने कार चालक जितेंद्र को अरेस्ट कर लिया है। इसके अलावा दो शूटरों के नाम सामने आए हैं. इनमें एक का नाम नीरज गौतम है और दूसरे का नाम भूषण पंडित है। पुलिस इन दोनों को अरेस्ट करने के लिए मथुरा में डेरा डाली हुई है। इधर पुलिस ने मथुरा के चांदी कारोबारी के बेटे निखिल को फिलहाल छोड़ दिया है लेकिन उसे रोजाना पीरबहोर थाने में हाजिरी लगाने को कहा गया है।
पटना की सिटी एसपी सेंट्रल स्वीटी सहरावत ने आज इस हत्याकांड का खुलासा करते हुए कहा कि हत्याकांड में चालक जितेंद्र को अरेस्ट किया गया है. पूछताछ में उसने बताया कि वह मथुराके हाइवे थाना क्षेत्र के रहने वाले नीरज गौतम और भूषण पंडित को कार से पटना 25 अक्टूबर को लेकर गया था। कहीं कोई पहचान न हो इसके लिए कमरा तक नहीं लिया और दो दिन तक लगातार कार में ही घूमते रहे। उन्होंने चांदी कारोबारी अवधेश अग्रवाल की रेकी की। 27 अक्टूबर को दोनों शूटरों को उसने पटना के दानापुर थाना क्षेत्र में छोड़ दिया। वारदात के बाद दोनों को पटरा रेलवे स्टेशन के पास से लेकर आना था.
पुलिस ने बताया कि दोनों शूटरों को यहां छोड़ने के लिए जितेंद्र ने 25 हजार रुपये दिए थे। आखिरी सस्पेंस यही है कि जितेंद्र को यह रकम किसने दी, इसकी जानकारी की जा रही है। वारदात के बाद दोनों शूटर ट्रेन से आए थे। दोनों शूटर नीरज और भूषण आपराधिक किस्म के व्यक्ति हैं. नीरज पर मथुरा में 12 और भूषण पंडित पर 8 मुकदमे दर्ज हैं। दोनों ही शूटरों को अरेस्ट करने के लिए दबिश दी जा रही है।
निखिल लगाएगा रोजाना थाने में हाजिरी, कार भी निखिल ने खरीदी थी
इधर पटना पुलिस ने निखिल को फिलहाल छोड़ तो दिया है लेकिन उसे रोजाना पीरबहोर थाने में हाजिर होने के लिए कहा गया है। पुलिस के अनुसार जिस कार से शूटरों को लाया गया वह पटना के रहने वाले चांदी कारोबारी दीपक की थी जिसे निखिल ने दो साल पहले खरीदा था। दीपक पहले कपड़े का काम करता था लेकिन लेकिन तीन साल पहले से ही उसने कपड़े की जगह चांदी का कारोबार शुरू किया। इस दौरान वह निखिल के संपर्क में आ गया जो कि पटना के बाकरगंज में चांदी का कारोबार करता था।