आगरालीकस…आगरा के रहने वाले जीजा—साले नकली दवाएं बनाकर अफगानिस्तान, रूस, तुर्कमेनिस्तान तक कर रहे थे सप्लाई. दोनों फैक्ट्रियों से 40 से अधिक सैंपल लिए, 60 तरह की दवाइयां बरामद
आगरा के शास्त्रीपुरम में पकड़ी गईं नकली दवाएं बना रही दो फैक्ट्रियों पर छापेमारी पुलिस और ड्रग विभाग की जारी है. टीम ने यहां से 40 से अधिक सैंपल कलेक्ट किए हैं तो वहीं 60 से ज्यादा तरह की दवाइयों को बरामद किया है. इन दोनों फैक्ट्रियों के संचालक अश्वनी और सौरभ दुबे को टीम ने अरेस्ट किया है जो कि रिश्ते में जीजा साले हैं. इन दोनों जीजा सालों ने डेढ़ साल पहले शारिक नाम के व्यक्ति से किराए पर मैरिज होम लिया था और यहां वेटनोसेफ रिसर्च मेडिकल प्राइवेट लिमिटेड के नाम से फैक्ट्री शुरू की थी.
फैक्ट्री में बन रही थीं पशुओं को दी जाने वाली नकली दवाएं
टीम ने छापे मारी की तो यहां पशुओं के बुखार, पेट दर्द, खुरपका और एंटी बायोटिक जैसी नकली दवाएं बनाई जा रही थीं. इन दवाओं को एटा, मैनपुरी, अलीगढ़, कानपुर के साथ ही राजस्थान में भी सप्लाई किया जा हरा था. धीरे—धीरे इन दवाओं की सप्ताई गुजरात और पंजाब तक पहुंच गई और बाद में इनकी सप्लाई अफगानिस्तान, रूस, तुर्कमेनिस्तान और अंगोला जैसे देशों में भी होने लगी.
इस संबंध में डिप्टी कमिश्नर ड्रग विभाग अतुल उपाध्याय ने बताया कि उत्तराखंड से प्राप्त लोन लाइसेंस पर इन फैक्ट्रियों को संचालित किया जा रहा था. अब इसकी गहनता से जांच की जाएगी. संबंधित राज्यों और शहरां में नकली दवाओं की सप्लाई पर अलर्ट जारी कर दिया गया है. यहां मिली मशीने दिल्ली की एक नामचीन कंपनी से खरीदी गई थी.