आगरालीक्स…नये साल से बदल रहे हैं ये छह नियम. पीएफ खाते से लेकर जीएसटी तक जानिए किसमें क्या होने जा रहा है है बदलाव
नया साल 2025 का आगाज हो गया है और इसके आगाज के साथ ही कई बदलाव भी होने जा रहे हैं जिनका असर हमारे और आपके रोजमर्रा जीवन, वित्तीय स्थिति और जरूरतों पर पड़ेगा. इनमें से कुछ बदलाव से हमें आसानी होगी तो कुछ हमारी जेब ढीली कर सकते हैं.
महंगी हो जाएंगी कारें
मारुति और हृयूंडई समेत लगभग सभी बड़ी वाहन निर्माता कंपनियां आज से गाड़ियों केाम में चार फीसदी तक बढ़ोतरी कर रही हैं. महंगाई के कारण बढ़ी लागत का बोझ ग्राहकों पर डालने क लिए कपंनियों ने यह कदम उठाया है. टाटा मोटर्स, महिंद्रा,टोयोटा और किआ जैसी कपंनियों ने पहले ही कारों की कीमतें बढ़ाने की घोषणा कर दी है. बीएमडब्ल्यू,आडी और मर्सिडीज की लग्जरी कारों के लिए भी अधिक कीमत चुकानी होगी.
फीचर फोन पर यूपीआई 123 पे की सीमा बढ़ी
आरबीआई ने फीचर फोन के लिए यूपीआई123पे के तहत लेनदेन की सीमा बढ़ाकर 10 हजार रुपये कर दी है. पहले यह सीमा 5 हजार रुपये थी. नया निम आज से लागू हो गया है. इससे छोटे कारोबारियों के साथ उन इलाकों के लोगों का फायदा होगा, जहां इंटरनेट की पर्याप्त सुविधा नहीं है.
जीएसटी: मल्टी फैक्टर आथेंटिकेशन अनिवार्य
जीएसटी पोर्टल का इस्तेमाल करने वाले सभी करदाताओं के लिए एक जनवरी 20025 से मल्टी फैक्टर आथेंटिकेशन अनिवार्य हो गया है. इससे जीएसटी की डिजिटल सुरक्षा को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी और जीएसटी फाइलिंग में आसानी होगी.
किसानों को बिना गांरटी दो लाख रुपये का कर्ज
आरबीआई ने किसानों को राहत देते हुए बिना गारंटी वाले कृषि कर्ज की सीमा 1.6लाख से बढ़ाकर दो लाख रुपये करदी है. यह बदलाव आज से लागू हो गया है. इसका मकसद छोटे और सीमांत किसानों को बढ़ती लागत के बीच सस्ता और सुलभ कर्ज उपलब्ध कराना है. इसके लिए सभी बैंकों को जरूरी दिशा निर्देश दिए गए हैं.
एटीएम से होगी पीएफ निकासी
अब पीएफ खाताधारकों को नए साल में एटीएम के जरिए निकासी की सुविधा मिलने जा रही है. इसके अलावा ईपीएफओ और ईएसआईसी के सब्सक्राइबर्स भी जल्द ही अपनी क्लेम राशि सीधे ई वॉलेट में ले सकेंगे. ये सेवाएं लागू करने के लिए श्रम मंत्रालय आईटी प्रणाली को अपग्रेड कर रहा है. पीएफ खाताधारकों की योगदान सीमा में भी बदलाव हो सकता है. अभी कर्मचारी अपने बेसिक वेतन का 12 प्रतिशत हिस्सा ईपीएफ खाते में योगदान करते हैं, जिसे बढ़ाया जा सकता है.
सेंसेक्स ओर बैंकेक्स की मासिक एक्सपायरी
एक जनवरी से सेंसेक्स, बैंकेक्स और सेंसेक्स 50 की मासिक एक्सपायरी शुक्रवार की जगह हर महीने के आखिरी मंगलवार को होगी. तिमाही और अर्धवार्षिक कॉन्ट्रैक्ट की एक्सपायरी डेट भी बदली है.