आगरालीक्स …आगरा में सिंथेटिक दूध के काले कारोबार का नया तरीका सामने आया है, कार में सिंथेटिक दूध का कारोबार चल रहा था, कार सवार युवक गांवों में जाकर सिंथेटक दूध तैयार करते थे। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम ने कार सहित सिंथेटिक दूध बनाने वाले को दबोच लिया।
शनिवार देर रात मुखबिर की सूचना पर आगरा- फिरोजाबाद हाईवे पर एफएसडीए और पुलिस की टीम ने एक आई-20 कार को पकड़ा। कार उपेन्द्र सिंह पुत्र गजेन्द्र सिंह भदौरिया निवासी नगला जवाहर, खंदारी चला रहा था। कार की तलाशी ली गई तो कार में से पांच लीटर तैयार सिंथेटिक दूध मिला। इसके अलावा सिंथेटिक दूध बनाने की सामग्री भी रखी थी।
माल्टोज और रिंजी कैमिकल से बना रहे थे सिंथेटिक दूध
एफएसडीए के जिला अभिहित अधिकारी देवाशीष उपाध्याय ने बताया कि कार में दो खाली ड्रम, दूध फैंटने की एक मशीन, स्कीम्ड मिल्क पाउडर की एक बोरी, ड्राई ग्लूकोज पाउडर माल्टोज 25 किलो की एक बोरी, दो नेचर फ्रेश रिफाइंड के 15-15 किलो के टीन एवं रिंजी कैमिकल की दो डिब्बी मिलीं। माल्टोज व रिंजी केमिकल सिंथेटिक दूध बनाने में ही उपयोग होता है।
कार से चल रहा था काला कारोबार
कार में ही सिंथेटिक दूध बनाने का सामान रखता था और जगह-जगह जाकर डिमांड पर सिंथेटिक दूध बनाता था। उन्होंने बताया कि बरामद माल से लगभग एक हजार लीटर से अधिक सिंथेटिक दूध तैयार हो सकता है। एफएसडीए ने कार में मिले दूध के सेंपल भी भरे। एफएसडीए के खाद्य सुरक्षा अधिकारी अजीत सिंह ने उपेन्द्र सिंह के खिलाफ एत्मादपुर थाने में तहरीर देकर आईपीसी की धारा 272 और 273 के तहत मुकदमा दर्ज कराया है। सिंथेटिक दूध के कारोबार के आरोपी उपेन्द्र सिंह को पकड़ने वाली टीम में खाद्य सुरक्षा अधिकारी अजीत सिंह, रामविहारी, एसआई सुरेश चंद्र, इसरत अली, विमल प्रकाश व आशोक तिवारी थे। उपेन्द्र के परिजनों ने लगाया फंसाने का आरोप उपेन्द्र के पिता गजेन्द्र सिंह भदौरिया का कहना था कि उनके घर में पांच अगस्त को फंक्शन है। उसमें मिठाई बनाने के लिए उपेन्द्र सामान लेकर बाह स्थित गांव जा रहा था। पुलिस ने उसे शनिवार रात छलेसर चौकी पर पकड़ा और रात में ही एत्मादपुर थाने ले जाकर बंद कर दिया। कार छलेसर चौकी पर ही खड़ी रही। गजेन्द्र सिंह का कहना है कि उसके बेटे को फंसाने के लिए कार में सिंथेटिक दूध बनाने का सामान रखवाया गया।