आगरालीक्स …आगरा में चोटी कटने की अफवाह पर मुकदमा दर्ज किया जाएगा, एसएसपी दिनेश चंद्र दुबे का कहना है कि चोटी कटने की अफवाह पफैलाई जा रही है। ऐसे लोगों को पुलिस चिन्हित कर रही है, इनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।
आगरा में चोटी काटने वाली चुडैल समझकर 65 वर्षीय महिला की हत्या के बाद आगरा पुलिस एक्शन में आ गई है। एसएसपी दिनेश चंद्र दुबे ने सीओ और पुलिस कर्मियों को हिदायत दी कि कोई भी मामला सामने आने पर खुद मौके पर जाएं और पूरी पड़ताल करें। अगर कहीं कोई अफवाह फैलाया पाया जाता है, तो उसके खिलाफ केस दर्ज करें। ऐसे लोगों को गिरफ्तार किया जाएगा। एलआईयू को भी अलर्ट कर दिया गया है। ग्राम सुरक्षा समितियों से अफवाह फैलाने वालों पर नजर रखने के लिए कहा गया है।
2 अगस्त को बुजुर्ग महिला की पीट पीट कर हत्या
. आगरा में महिलाओं की चोटी काटने वाली चुडैल समझ कर महिला की पीट पीट कर हत्या, महिला की हत्या से दहशत, तनाव को देखते हुए पुलिस फोर्स तैनात किया गया है।
आगरा सहित यूपी, दिल्ली, हरियाणा में रात को महिलाओं के बाल काटने की घटनाएं हो रही हैं। इसे बुरा साया और चुडैल की हरकत माना जा रहा है। ऐसे में बुधवार को आगरा के डौकी के गांव मगठई में 65 वर्षीय विधवा महिलाओं की ग्रामीणों ने चुडैल समझकर पीट पीट कर हत्या कर दी। यहां मंगलवार रात को 62 वर्षीय मान देवी रात को शौच के लिए गईं थी। घने अंधेरे में वह भटक गईं और बघेल समाज की बस्ती में पहुंच गईं। यहां चारपाई पर एक लडकी सो रही थी। उसकी नींद टूट गई और अचानक सफेद साड़ी में एक महिला को सामने देख युवती ने शोर मचा दिया। बस्ती के लोग निकल आए। उन्होंने महिला को चुड़ैल समझ पीटना शुरू कर दिया।
चुडैल चुडैल और पीट पीट कर किया अधमरा
महिला चिल्लाकर अपनी पहचान बताती रही लेकिन किसी ने नही सुनी। काफी देर के बाद कुछ लोगों ने महिला को पहचान लिया। तब तक महिला बुरी तरह घायल हो चुकी थी। इसके बाद गाँव के लोग महिला को उसके घर छोड़ गए। यहां गुस्साए परिजनों से काफी बहस हुई, लेकिन मान देवी की हालत ठीक नही थी। आनन फानन में परिवार के लोग उसे आगरा के एक अस्पताल लेकर पहुंचे। यहां प्रारम्भिक इलाज के बाद महिला को घर भेजा गया, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। इस घटना के बाद गाँव में दहशत और तनाव का माहौल है।
कई गांवों में डंडे लेकर रात को पहरा दे रहे लोग
इधर मथुरा में भी महिलाओं की चोटी कटने की घटनाएं सामने आ रही हैं। इसे लेकर लोगों में तरह तरह की चर्चाएं हैं। कोई इसे ऊपरी साया बता रहा है तो कोई किसी की करतूत। कुछ लोग मनोरोग होने की बात कह रहे हैं। आलम यह है कि कई गाँवों में लोग रात को घरों के बाहर लाठी-डंडे हाथ में लेकर पहरा दे रहे हैं।