आगरालीक्स….Agra News : आगरा में भी बच्चे तोंदू हो रहे हैं, आज विश्व मोटापा दिवस है, बच्चों को कैसे मोटापा की समस्या से बचाएं जानें। ( Agra News : Obesity increases in child#Agra )
इंडियन एकेडमी आफ पिडियाट्रिक्स आईएपी आगरा के सचिव डॉ. राहुल पैंगोरिया के अनुसार, बच्चों में मोटापा एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या बन चुकी है, जो न केवल शारीरिक बल्कि मानसिक स्वास्थ्य पर भी नकारात्मक प्रभाव डालती है। यह समस्या विशेष रूप से विकसित और विकासशील देशों में तेजी से बढ़ रही है। डब्ल्यूएचओ के अनुसार दुनिया भर में लगभग 8 में से 1 व्यक्ति मोटापे के साथ जी रहा था, कुल मिलाकर लगभग 890 मिलियन वयस्क, 160 मिलियन बच्चे 5-19 वर्ष और 37 मिलियन बच्चे 5 वर्ष से कम उम्र के हैं। भारत में मोटापे का कुल प्रसार 40.3% है। पुरुषों (38.67%) की तुलना में महिलाओं में मोटापे की दर (41.88%) अधिक है। शहरी क्षेत्रों में ग्रामीण क्षेत्रों (36.08%) की तुलना में अधिक प्रसार (44.17%) दर्ज किया गया है। हाल ही में, डेटा से पता चलता है कि भारत में 3.4% बच्चों को अधिक वजन या मोटापे के रूप में वर्गीकृत किया गया है, जो रोकथाम और प्रबंधन में सक्रिय उपायों की आवश्यकता पर प्रकाश डालता है।
मोटापे के कारण:
- आहार में गड़बड़ी: आजकल के बच्चों की आहार की आदतें बदल चुकी हैं। वे तली-भुनी, मीठी और त्वरित तैयार होने वाली खाद्य पदार्थों का अधिक सेवन करते हैं। इन खाद्य पदार्थों में उच्च कैलोरी, चीनी और वसा की मात्रा होती है, जो मोटापे का कारण बनती है।
- शारीरिक गतिविधियों की कमी: डिजिटल उपकरणों का अधिक उपयोग बच्चों के शारीरिक गतिविधियों को प्रभावित करता है। बच्चे वीडियो गेम्स, स्मार्टफोन और टीवी पर ज्यादा समय बिताते हैं, जिससे उनका शारीरिक व्यायाम कम होता है।
- जैविक और पारिवारिक कारण: कुछ बच्चों का वजन आनुवंशिक कारणों से भी बढ़ सकता है। अगर परिवार में कोई सदस्य मोटापे से पीड़ित है, तो बच्चों में भी मोटापा होने का खतरा अधिक हो सकता है।
मोटापे के प्रभाव:
- शारीरिक समस्याएं:मोटापे के कारण बच्चों को हृदय रोग, डायबिटीज, उच्च रक्तचाप, अस्थमा और जोड़ दर्द जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
- मानसिक प्रभाव: मोटे बच्चे आत्मसम्मान की कमी और अवसाद से जूझ सकते हैं। वे सामाजिक रूप से भी अलग-थलग महसूस कर सकते हैं, जिससे उनका मानसिक स्वास्थ्य प्रभावित होता है।
- दीर्घकालिक स्वास्थ्य खतरे: अगर मोटापे का इलाज समय रहते नहीं किया जाता, तो यह वयस्क होने पर गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं को जन्म दे सकता है, जैसे कि टाइप 2 डायबिटीज और हृदय रोग।
मोटापे का समाधान और रोकथाम: - स्वस्थ आहार:बच्चों को पोषक तत्वों से भरपूर और संतुलित आहार देना चाहिए। ताजे फल, सब्जियां, दाल, नट्स और साबुत अनाज को आहार का हिस्सा बनाना चाहिए।
- शारीरिक गतिविधियाँ: बच्चों को नियमित रूप से खेल कूद और शारीरिक गतिविधियाँ करने के लिए प्रेरित करना चाहिए। कम से कम 1 घंटा दैनिक व्यायाम या खेल आवश्यक है।
- परिवार का समर्थन: बच्चों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए परिवार को उनका समर्थन करना चाहिए। माता-पिता को बच्चों के आहार और गतिविधियों की देखरेख करनी चाहिए।
- शिक्षा और जागरूकता:बच्चों और उनके परिवारों में मोटापे के खतरों के बारे में जागरूकता फैलानी चाहिए, ताकि वे इसके प्रभावों को समझ सकें और इससे बचने के उपाय अपना सकें।