आगरालीक्स …Agra News : आगरा में एयर पॉल्यूशन का हाल देखिए, ताजमहल का संगमरमरी हुस्न पीला पड़ता जा रहा है। 200 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर से अधिक एसपीएम ताजमहल की सतह पर बने हुए हैं। ( Agra News : Taj Mahal turning yellow due to SPM up to 200 Microgram remain on surface#Agra)
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, आगरा में सूक्ष्ण कणों की मात्रा लगातार बढ़ रही है। ये सस्पेंड पार्टिकुलेट मैटर वातावरण में बने रहते हैं। पिछले 25 सालों से एसपीएम जिनका आकार 100 नैनो मीटर से अधिक है ताजमहल की सतह पर जमा हो रहे हैं। इससे तापमान पीला पड़ता जा रहा है।
नियमित नहीं हो सकती मडपैक थैरेपी
ताजमहल सी सतह पर जमा कणों को हटाने के लिए मडपैक थैरेपी की जाती है। इसमें मुल्तानी मिटटी का लेप लगाना जाता है यह ताजमहल की सतह पर जमा हुए कणों को सोख लेता है इसके बाद डिस्टल वाटर से सतह को धो दिया जाता है। मगर, मडपैक थैरेपी भी बार बार नहीं की जा सकती है।
सबसे ज्यादा दिसंबर में एसपीएम
ताजमहल पर प्रदूषक तत्वों की जांच की जाती है। इसके अनुसार, पिछले तीन वर्ष से दिसंबर के महीने में एसपीएम का स्तर करीब 500 तक पहुंचा है। 2021 में एसपीएम दिसंबर में 495.73 तक पहुंच गया था तो 2022 दिसंबर में 354.42 और पिछले वर्ष 2024 दिसंबर में 255.58 तक दर्ज किया गया।