आगरालीक्स…(Video )आगरा का अंबेडकर पुल वाहनों के लिए बंद. आंधी में 15 साल पुराने पुल की एक रेलिंग यमुना में तो दूसरी पुल पर टूटकर गिरी. डीएम के सख्त आदेश, पुलिस रहेगी तैनात.
आगरा में बुधवार रात को आंधी और तूफान का जबर्दस्त कहर देखने को मिला. यमुना आरती प्वाइंट से एत्माद्दौला की ओर जाने वाले आगरा के 15 साल पुराने अंबेकर पुल भी आंधी की चपेट में आ गया. तेज आंधी के कारण पुल की एक रेलिंग यमुना में जा गिरी तो दूसरी भी टूटकर पुल पर गिर गई. गुरुवार को जिलाधिकारी अरविंद मलप्पा बंगारी ने अधिकारियों के साथ क्षतिग्रस्त पुल का जायजा लिया और अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए.वाहनों के लिए किया बंद, पुलिस रहेगी तैनात
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि क्षतिग्रस्त पुल पर किसी भी प्रकार का कोई वाहन गुजरने ना दिया जाए, इसके लिए पुल के दोनों तरफ बैरिकेडिंग कर आवागमन को रोक जाए. साथ ही दोनों तरफ सुरक्षा को दृष्टिगत रखते हुए आवश्यक पुलिस बल तैनात किया जाए. जिलाधिकारी ने उत्तर प्रदेश राज्य सेतु निगम के अधिकारियों को निर्देश दिए कि क्षतिग्रस्त पुल की मरम्मत का कार्य गुणवत्तापूर्ण एवं निर्धारित मानकों के अनुरूप यथा शीघ्र पूर्ण करना सुनिश्चित करें, जिससे पुल पर जल्द से जल्द आवागमन सुचारू रूप से संचालित किया जा सके. निरीक्षण के दौरान उत्तर प्रदेश राज्य सेतु निगम के अधिकारी एवं कर्मचारीगण आदि उपस्थित रहे.
बीएसपी के शासनकाल में 9 अक्टूबर 2008 में तत्कालीन मुख्यमंत्री मायावती ने पुल का शिलान्यास किया था और साल 2010 में यह पुल आम लोगों के लिए खोल दिया गया. इस पुल को बनाने में करीब 2508 लाख की अनुमानित राशि खर्च हुई थी. पुल पर प्रतिदिन के हिसाब से करीब 15 हजार से अधिक वाहन रोजाना गुजरते हैं. यह पुल कई बार क्षतिग्रस्त हो चुका है. दो साल पहले भी पुल पर चार मीटर की ऊंचाई वाली लोहे की जालीदार बेरीकेडिंग टूट कर गिर गई थी. 650 मीटर लंबे आंबेडकर पुल में 22 एस्पेंशन ज्वाइंट हैं. ब्रिज के निर्माण के बाद से ही भ्रष्टाचार के आरोप लगे थे.