आगरालीक्स…तंबाकू छोड़ना मुश्किल काम है लेकिन नामुमकिन नहीं, विश्व तंबाकू निषेध दिवस पर कैंसर रोग विशेषज्ञ डॉ. अजय गुप्ता से जानें तंबाकू छोड़ना कठिन क्यों है और तलब लगने पर क्या करें…
आगरा में एक बार अगर तंबाकू की लत लग जाए तो उसे छोड़ना बहुत मुश्किल काम है लेकिन स्वास्थ्य के लिए जरूरी भी है। शरीर में होने वाले वह कौन से बदलाव हैं जो तंबाकू छोड़ने पर आपको परेशान करते हैं और इस दौरान तलब लगने पर आपको क्या करना चाहिए इस पर आगरा के जाने—माने कैंसर रोग विशेषज्ञ डॉ. अजय गुप्ता ने अपनी राय रखी।ए—11 न्यू आगरा स्थित कैंसर क्लीनिक एवं कीमोथैरेपी सेंटर के डॉ. अजय गुप्ता ने बताया कि तंबाकू से होने वाले दुष्प्रभावों के प्रति लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से हर साल 31 मई को विश्व तंबाकू निषेध दिवस मनाया जाता है। आंकड़ों पर नजर डालें तो हर साल लगभग 27 करोड़ भारतीय तंबाकू का सेवन करते हैं जो विश्व में सबसे अधिक है। दुनिया भर में लगभग 70 लाख लोग तंबाकू की वजह से अपनी जान गंवाते हैं। इसमें 90 प्रतिशत मुंह और फेफड़े के कैंसर तंबाकू की वजह से होते हैं। तंबाकू में तकरीबन 55 कैमिकल्स होते हैं जो कैंसर का कारक बन सकते हैं। मुंह का कैंसर भारत में सबसे अधिक पाया जाने वाला कैंसर है।
डॉ. गुप्ता ने बताया कि तंबाकू छोड़ने पर कुछ दिनों तक एकाग्रता में कमी, पेट खराब रहना आम समस्या हो सकती है जिससे तंबाकू छोड़ने में कठिनाई भी होती है लेकिन इसे छोड़ना नामुमकिन नहीं है।तंबाकू छोड़ने के लिए सबसे पहले तो आपको दढ़ संकल्पित होना जरूरी है। जब तलब लगे तो ध्यान किसी और काम में लगाएं। एक ग्लास पानी पीएं। सोंफ, इलाइची चबाएं, गहरी—गहरी सांसें लें। मेडिटेशन और योग का सहारा लें। इसके अलावा तंबाकू छोड़ने में जो चीजें मददगार होती हैं उनमें तंबाकू खाने वाली संगत को बदलें, बच्चों को तंबाकू छोड़ने पर इनाम दें, परिवार और दोस्तों का सहयोग लें। कुछ दवाएं सहयोग कर सकती हैं जिनमें डॉक्टर की सलाह से निकोटीन च्युइंगम, ई सिगरेट, डिप्रेशन की दवाएं सहायक हो सकती हैं। लेकिन यह दवाएं व अन्य उपाय डॉक्टर की सलाह पर ही करें।