आगरालीक्स …Agra News: अपने बच्चे को कब कौन सा टीका लगवाएं जानें और किन बीमारियों से बचाव संभव है। ( Agra News: Vaccination chart for children#Agra)
प्रसव के बाद से ही बच्चों का टीकारण शुरू हो जाता है और पांच वर्ष तक टीका लगते हैं। इससे बच्चे सामान्य टीबी से लेकर हेपेटाइटिस की बीमारियों से बच जाते हैं।
जन्म पर बीसीजी (टीबी के खिलाफ), ओपीवी (पोलियो के खिलाफ),हेपेटाइटिस-बी (हेपेटाइटिस-बी के खिलाफ)
o 6 सप्ताह पर ओपीवी (पोलियो के खिलाफ), पेंटावैलेंट (डिप्थीरिया, टेटनस, पर्टुसिस, हीमोफिलस इन्फ्लूएंजा टाइप बी, और हेपेटाइटिस-बी के खिलाफ), रोटावायरस वैक्सीन (रोटावायरस के खिलाफ), पीसीवी (न्यूमोकोकल के खिलाफ)
o 10 सप्ताह पर ओपीवी (पोलियो के खिलाफ), पेंटावैलेंट (डिप्थीरिया, टेटनस, पर्टुसिस, हीमोफिलस इन्फ्लूएंजा टाइप बी, और हेपेटाइटिस-बी के खिलाफ), रोटावायरस वैक्सीन (रोटावायरस के खिलाफ), पीसीवी (न्यूमोकोकल के खिलाफ)
o 14 सप्ताह पर ओपीवी (पोलियो के खिलाफ), पेंटावैलेंट (डिप्थीरिया, टेटनस, पर्टुसिस, हीमोफिलस इन्फ्लूएंजा टाइप बी, और हेपेटाइटिस-बी के खिलाफ), रोटावायरस वैक्सीन (रोटावायरस के खिलाफ), पीसीवी (न्यूमोकोकल के खिलाफ)
o 9-12 महीने पर खसरा और रूबेला (एमएमआर) वैक्सीन, न्यूमोकोकल कंजुगेट वैक्सीन
o 16-24 महीने पर एमएमआर वैक्सीन की दूसरी खुराक, वार्षिक इन्फ्लूएंजा वैक्सीन यह टीके बच्चों को खतरनाक बीमारियों से बचाने में मदद करते है।
o 9 महीने और 16-24 महीने पर विटामिन ए प्रोफिलैक्सिस दिया जाता है
टीकाकरण के लाभ-
- बच्चों को जानलेवा बीमारियों से बचाव
- गर्भवती महिलाओं को सुरक्षित प्रसव के लिए तैयारी
- समाज में बीमारियों को फैलने से रोकथाम
- टीकाकरण के लिए हमारी जिम्मेदारी:
- गर्भवती महिलाओं और बच्चों को टीकाकरण के लिए प्रेरित करें
- टीकाकरण केंद्रों पर जाने में मदद करें
- समाज में टीकाकरण के महत्व के बारे में जागरूकता फैलाएं
सभी एएनएम टीकाकरण चक्र अपने साथ रखें- सीएमओ