आगरालीक्स…आगरा नगर निगम में ईपीएफ खातों में फर्जीवाड़ा. फर्जी साइन कर खाते से निकाली जा रही थी रकम.. जांच के घेरे में निगम और बैंक कर्मचारी…तीन सदस्यीय कमेटी करेगी जांच
आगरा नगर निगम में कर्मचारी भविष्य निधि खाते (ईपीएफ) में फर्जीवाड़ा सामने आया है. इन खातों से अधिकारियों के फर्जी साइन करके रुपये निकाले जा रहे थे. करीब 750 कर्मचारियों के खाते से रुपये निकाले जाने की सूचना है. इस मामले के सामने आने के बाद महिला चपरासी को सस्पेंड किया गया है तो वहीं अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है. जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया है. इस जांच टीम में मुख्य वित्त एवं लेखाधिकारी बृजेश कुमार सिंह, अपर नगर आयुक्त सत्येंद्र कुमार तिवारी और मुख्य नगर लेखा परीक्षक निर्विकार गोयल शामिल हैं. इस फर्जीवाड़े में बैंक कर्मियों और नगर निगम के कर्मचारियों की मिलीभगत की आशंका है.ऐसे सामने आया मामला
नगर निग में कार्यरत कंम्प्यूटर आपरेटर विशाल शर्मा किसी काम से बैंक की शाखा में गए थे. यहां उनहोंने भविष्य निधि खातों से धन निकासी की एक सूची देखी तो हैरान रह गए. संदेह होने पर इसकी जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को दी. मुख्य वित्त एवं लेखाधिकारी बृजेश कुमार सिंह ने बैंक अधिकारियों से बातचीत की और लापरवाही पर नाराजगी जताई.
करीब 750 कर्मचारियों के खाते से निकाली रकम
इस पूरे मामले की जानकारी की गई तो सामने आया कि अप्रैल 2005 से पहले नियुक्त करीब 750 कर्मचारियों की भविष्य निधि कटौती की धनराशि को बिना विभागीय प्रक्रिया अपनाए निकाले जा रहा था. नगर निगम पहले ईपीएफ खाते से धन निकासी की स्वीकृति देता है जिसके बाद कर्मचारी रुपये निकाल सकता है. लेकिन इस मामले में नियमों की अनदेखी की गई. संबंधित बैंक के पटल बाबू की भूमिका को संदिग्ध मानकर जांच की संस्तुति की.
फर्जी हस्ताक्षर के जरिए हो रहा था फर्जीवाड़ा
मुख्य वित्त एवं लेखाधिकारी बृजेश कुमार सिंह के अनुसार कर्मचारियों के पीएफ निकालने के लिए मेरे साथ ही अपर नगर आयुक्त के हस्ताक्षर के बाद ही कर्मचारी के पीएफ खाते से रकम देने की अनुमति दी जाती है लेकिन उनके फर्जी हस्ताक्षकर कर पीएफ की राशि निकाली जा रही थी. इस रैकेट में शामिल लोग कर्मचारियों से सुविधा शुल्क लेकर उन्हें बिना वैध प्रक्रिया अपनाए भविष्य निधि खाते से धनराशि दिलवा रहे थे.
इस प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए नगर आयुक्त ने तीन वरिष्ठ अधिकारी अपर नगर आयुक्त सत्येंद्र कुमार तिवारी, सीएफओ बृजेश कुमार सिंह और मुख्य नगर लेखा परीक्षक निर्विकार गोयल को जांच सौंपी है. नगर आयुक्त ने बताया कि यदि जांच में निगम कर्मियों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. बैंक कर्मियों की भूमिका भी जांच के दायरे में है. उन्होंने काह कि हालांकि कर्मचारियों ने खाते से अपना ही धन निकाला है, इसमें घोटाले जैसा कोई मामला नही है लेकिन ये वित्तीरय अनियमितता है. इस संबंध में बैंक प्रबंधन को भी पत्र भेजा जा चुका है.