आगरालीक्स… आगरा में बच्चों ने भारतेंदु हरिश्चंद्र द्वारा रचित कालजयी नाटक “अंधेर नगरी” का किया प्रभावशाली मंचन…देखने वालों ने जमकर बजाईं तालियां…
डॉ. भीमराव आम्बेडकर विश्वविद्यालय, आगरा मेँ गुरुवार को उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी, लखनऊ (संस्कृति विभाग, उत्तर प्रदेश) एवं नाट्यावलोकन कला एवं सांस्कृतिक संस्था, आगरा तथा ललित कला संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में “बाल नाट्य कार्यशाला प्रस्तुति” का आयोजन जेपी सभागार, खंदारी परिसरमें किया गया। कार्यशाला के अंतर्गत बच्चों द्वारा सुप्रसिद्ध रचनाकार भारतेंदु हरिश्चंद्र द्वारा रचित कालजयी नाटक “अंधेर नगरी” का प्रभावशाली मंचन प्रस्तुत किया गया।इस नाटक के माध्यम से बच्चों ने यह दिखाया कि अराजक शासन व्यवस्था, अव्यवस्थित न्याय प्रणाली और विवेकहीन नेतृत्व किस प्रकार समाज को अंधकार की ओर ले जाता है। ‘टके सेर भाजी, टके सेर खाजा’ जैसी व्यंग्यात्मक पंक्तियाँ समाज में फैली मूर्खताओं और अनुशासनहीनता पर तीखा प्रहार करती हैं। नाटक की परिकल्पना, निर्देशन एवं प्रकाश परिकल्पना रोहित चौहान, संगीत परिकल्पना पिंकी सिंह, मंच निर्माण व संगीत संचालन हरिओम, सहनिर्देशन दिव्यता उपाध्याय द्वारा किया गया।

इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित प्रो. संजय चौधरी ने मंचन की सराहना करते हुए कहा कि “बाल कलाकारों की संवाद अदायगी, मंच पर आत्मविश्वास और सामाजिक विषय पर समझ सराहनीय है। इस उम्र में इतनी परिपक्व प्रस्तुति बच्चों की संवेदनशीलता और कला के प्रति समर्पण को दर्शाती है।“ उन्होंने मंच से सभी बच्चों की हौसला अफज़ाई करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की और कहा कि ऐसे मंच बच्चों के व्यक्तित्व निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कार्यक्रम का संयोजन ललित कला संस्थान के निदेशक प्रो. संजय चौधरी ने किया, तथा सहसंयोजन की जिम्मेदारी डॉ. मनोज कुमार (उपनिदेशक, ललित कला संस्थान) ने निभाई।
कार्यक्रम के संरक्षक की भूमिका में राजीव चतुर्वेदी (नाट्यावलोकन कला एवं सांस्कृतिक संस्था) रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता श्वेता चौहान, अध्यक्ष, नाट्यावलोकन कला एवं सांस्कृतिक संस्था ने की। उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी की ओर से निदेशक डॉ. शोभित कुमार नाहर, उपाध्यक्ष विभा सिंह, एवं अध्यक्ष प्रो. जयंत खोत ने आयोजन हेतु सभी प्रशिक्षु कलाकारों को शुभकामनाएं प्रेषित की। यह आयोजन बाल कलाकारों के आत्मविश्वास, अभिव्यक्ति कौशल एवं सांस्कृतिक जुड़ाव का सुंदर उदाहरण बना। मंचन के बाद सभी बच्चों को सम्मानित किया गया एवं दर्शकों द्वारा उनकी प्रस्तुति की भरपूर सराहना की गई।
कार्यक्रम में भाग लेने वाले बाल कलाकार इस प्रकार हैं:
कुहू, सृष्टि, विद्यता, वर्षा, माही, अनन्या, आयुष, प्रियांश, धानी, गौरी, शैली , आराध्या, दिव्यता, चिराग, राहुल, हरीओम, युवराज, ज्योति, मोहित पाराशर, ऋषभ, प्रभाष, उदीप्सा, वंश, वंशिका , नविष्ठी एवं ।