आगरालीक्स… आगरा में शिक्षा का अधिकार (आरटीई) से फड़ लगाने वाले के बेटा बेटी का प्रवेश न देने पर कान्वेंट स्कूल के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ है। आरटीआई में यह पहली कार्रवाई है, इससे कॉलेज संचालकों के होश उडे हुए हैं।
आरटीआई से कान्वेंट स्कूलों की 25 फीसद सीटों पर नर्सरी और पहली कक्षा में गरीब बच्चों का प्रवेश लेने की अनिवार्यता है, इसके लिए आॅनलाइन आवेदन किए गए थे। शिक्षा विभाग लखनऊ ने आॅनलाइन आवेदन के बाद छात्रों को स्कूल आवंटित किए। इन स्कूलों में बच्चे प्रवेश लेने के लिए पहुंच रह हैं। मगर, रागेंद्र स्वरूप स्कूल सिकंदरा में पिछले दो साल से बच्चों को प्रवेश नहीं दिया है। इस मामले में सामाजिक संस्था श्रीश्याम गंगा एजूकेशनल सोसायटी आगरा के अश्वनी कुमार ने डीएम से शिकायत की, उन्होंने बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) को कार्रवाई के आदेश दिए। शिक्षा विभाग के अधिकारी ने भी कार्रवाई नहीं की। एसएसपी से शिकायत करने पर उन्होंने मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए। इंस्पेक्टर सिकंदरा राजेश कुमार पांडेय के मुताबिक कॉलेज मैनेजर, प्रबंधक और संचालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।
फड़ लगाने वाले के बेटा बेटी का नहीं दिया प्रवेश
सिकंदरा आवास विकास कॉलोनी सेक्टर आठ निवासी ब्रजेश चौधरी खंदारी क्षेत्र में फड़ लगाते हैं। पिछले साल फरवरी में ब्रजेश ने शिक्षा के अधिकार के तहत बच्चों प्रतीक और नव्या को पढ़ाने के लिए शिक्षा विभाग में ऑनलाइन आवेदन किया था। इसमें बतौर विकल्प तीन स्कूलों के नाम दिए थे। लॉटरी में रागेंद्र स्वरूप इंटर कॉलेज का नाम आने पर ब्रजेश ने अप्रैल में उनसे संपर्क किया। स्कूल मैनेजर ने विचार कर प्रवेश का आश्वासन दिया। बाद में सीटें भर जाने की बात कह दी, तब तक अन्य स्कूलों की सीट भर गई थीं। इसके चलते प्रतीक और नव्या जैसे कई बच्चों का एक साल बर्बाद हो गया। दोनों बच्चों को इस साल दूसरे स्कूल में प्रवेश दिलाना पड़ा।